केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में हो रहा था विरोध

NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में हो विरोध प्रदर्शन के बीच अंततः केंद्र की मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को इस्तीफा दे दिया है.

Dharmendra Pradhan resigns
Dharmendra Pradhan resigns- फोटो : news4nation

Dharmendra Pradhan resigns :  NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को NEET पेपर लीक विवाद के बाद लगातार बढ़ते राजनीतिक और छात्र दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है।


धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा देने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया है, उसमें उन्होंने लिखा है

दो पेज के अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कई किस्म की बातें लिखी हैं. 


NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कई दिनों से छात्रों और युवा संगठनों का आंदोलन जारी था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर Cockroach Janata Party (CJP) के नेतृत्व में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ। इसके बाद आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक रूप लेना शुरू कर दिया।


राहुल गांधी ने भी किया था छात्रों की मांगों का समर्थन

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को छात्रों से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने छात्रों की तीन मांगों को ‘नॉन-नेगोशिएबल’ बताते हुए धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की थी। राहुल गांधी ने कहा था कि सरकार छात्रों को धमका सकती है, लेकिन उनके आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और सरकार की पूरी ताकत भी उन्हें आंदोलन से पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि “नरेंद्र मोदी भारत का अतीत हैं और अतीत कभी भविष्य से नहीं लड़ सकता।”


केंद्र और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत

लगातार बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के कई दौर हुए। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही तय करना शामिल था।सरकार ने पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों और फास्ट-ट्रैक अदालतों की दिशा में कदम उठाने की बात कही थी। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर गतिरोध बना हुआ था। आंदोलनकारी संगठन लगातार इस बात पर जोर दे रहे थे कि केवल प्रशासनिक बदलाव या नई व्यवस्था का ऐलान पर्याप्त नहीं है।