मेहनत की कमाई से पत्नी को बनाया दरोगा, वर्दी मिलते ही पति को जेल भेजने की तैयारी में जुटी पत्नी पूरे परिवार पर किया केस

कड़ी मेहनत की कमाई से पत्नी पायल रानी को पढ़ाया-लिखाया और उसे पुलिस विभाग में दारोगा के पद तक पहुँचाने में हरसंभव मदद की। लेकिन अब वही पत्नी, जो वर्तमान में बरेली जिले में दारोगा पद पर तैनात है, ने उसे और उसके पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा दिय

 मेहनत की कमाई से पत्नी को बनाया दरोगा, वर्दी मिलते ही पति क

N4N desk - हापुड़ जनपद के थाना पिलखुवा क्षेत्र के गांव पूठा हुसैनपुर के निवासी गुलशन ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित पति का आरोप है कि उसने अपनी कड़ी मेहनत की कमाई से पत्नी पायल रानी को पढ़ाया-लिखाया और उसे पुलिस विभाग में दारोगा के पद तक पहुँचाने में हरसंभव मदद की। लेकिन अब वही पत्नी, जो वर्तमान में बरेली जिले में दारोगा पद पर तैनात है, ने उसे और उसके पूरे परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा दिया है।

प्रेम विवाह से दहेज उत्पीड़न तक का सफर

शिकायती पत्र के अनुसार, गुलशन और पायल एक-दूसरे को वर्ष 2016 से जानते थे। दोनों ने 2021 में कोर्ट मैरिज की और फिर 2 दिसंबर 2022 को सामाजिक रीति-रिवाज से शादी की थी। हालांकि, नवंबर 2025 में दारोगा पत्नी ने पति, ससुर, सास, जेठ-जेठानी और ननद-नंदोई समेत सात परिजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज करा दिया।

गंभीर आरोप बनाम 'बेबुनियाददावे

महिला दारोगा पायल रानी ने आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष द्वारा दस लाख रुपये और एक कार की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 

उसे तेजाब फेंककर जान से मारने की धमकी दी गई। वहीं, पति गुलशन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उसका कहना है कि पद का दुरुपयोग कर उसे और उसके वृद्ध माता-पिता को प्रताड़ित किया जा रहा है।

एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

हापुड़ के एसपी कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बताया कि पति गुलशन का पक्ष सुन लिया गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि महिला दारोगा द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।