यूपी का 'नीला ड्रम कांड' : पूजा पंडाल के बाहर लटकाए गए मुस्कान-साहिल के पुतले, फांसी की सजा का समर्थन

मेरठ के बहुचर्चित 'नीला ड्रम कांड' के आरोपियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद लोगों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। इसबार दुर्गा-पूजा के मौके पर गोरखपुर में पांडाल के सामने राक्षसों के साथ आरोपी मुस्कान और साहिल के पुतले के फांसी पर लटका दिया गया.....

यूपी का 'नीला ड्रम कांड' : पूजा पंडाल के बाहर लटकाए गए मुस्क
पूजा पंडाल के बाहर लटकाए गए मुस्कान-साहिल के पुतले- फोटो : सोशल मीडिया

N4N Desk : देश भर को झकझोर कर रख देने वाले मेरठ के बहुचर्चित 'नीला ड्रम कांड' यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा का समर्थन अब उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी देखने को मिल रहा है। गोरखपुर के सिंघड़िया स्थित एक दुर्गा पूजा पंडाल के समीप लोगों ने सड़क पर मुस्कान और साहिल के पुतले बनाकर उन्हें फांसी पर लटका दिया है। इस अनोखे तरीके से विरोध जता रहे लोगों का कहना है कि ऐसे जघन्य और क्रूर अपराधों में मृत्युदंड ही एकमात्र उचित न्याय है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।


फांसी की सजा के बाद जेल में बदला मुस्कान का रुख, इस बार नहीं रखा नवरात्र व्रत

असत्यों पर सत्य की विजय के प्रतीक विजयादशमी के पर्व के बीच सौरभ राजपूत मर्डर केस की मुख्य आरोपी मुस्कान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। चौधरी चरण सिंह जिला कारागार (मेरठ जेल) में बंद मुस्कान की धार्मिक गतिविधियों में बड़ा बदलाव देखा गया है। पिछले नवरात्र के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाली मुस्कान ने इस बार फांसी की सजा मिलने के बाद न तो नवरात्र का व्रत रखा और न ही पहले की तरह नियमित पूजा-पाठ किया। जेल सूत्रों के मुताबिक, सजा सुनाए जाने के बाद से उसके व्यवहार में स्पष्ट परिवर्तन आया है।


अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए तड़प रही मुस्कान

इस बार जेल में उसका यह दूसरा नवरात्र था, जबकि उसकी 10 महीने की छोटी मासूम बेटी पहली बार नवरात्र के दौरान जेल के भीतर अपनी मां के साथ रही। सोमवार को जेल परिसर में विशेष कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जिसमें महिला बंदियों के साथ रह रही चार बच्चियों को विधिवत भोजन कराया गया। इस दौरान मुस्कान की 10 महीने की बेटी भी उन कन्याओं में शामिल रही। हालांकि, सलाखों के पीछे अपनी छोटी बेटी के साथ दिन काट रही मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए बुरी तरह तड़प रही है और उसने कई बार उससे मिलवाने की इच्छा जताई है।


ऊपरी अदालत में अपील की तैयारी, निचली अदालत ने माना था 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' केस

फांसी की सजा मिलने के बाद अब मुस्कान अपने कानूनी विकल्पों पर काम कर रही है। वह निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उसने जेल प्रशासन से एक निजी वकील मुहैया कराने की मांग की है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि उसके आवेदन के आधार पर नियमानुसार निजी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


गौरतलब है कि यह सनसनीखेज वारदात 3 मार्च 2025 को सामने आई थी, जब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने ही पति सौरभ राजपूत की बेहद बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड को इतने शातिर और खौफनाक तरीके से अंजाम दिया गया था कि सुनने वालों की रूह कांप उठी थी। 


अपराध को छुपाने के लिए आरोपियों ने सौरभ के शव को एक नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में भरकर ठिकाने लगा दिया था। इस बहुचर्चित मामले में जिला जज की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद इसे 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' (सबसे दुर्लभ से दुर्लभतम) श्रेणी मानते हुए मुस्कान और साहिल दोनों को मौत की सजा सुनाई थी।