आरा-बक्सर MLC उपचुनाव: वार्ड महासंघ ने फूंका चुनावी बिगुल, जेडीयू नेता मनोज उपाध्याय को समर्थन से गरमाई भोजपुर की सियासत!

बिहार के भोजपुर और बक्सर जिले में स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद (MLC) की रिक्त सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। वार्ड महासंघ ने एक महत्वपूर्ण बैठक कर जेडीयू नेता मनोज उपाध्याय को अपना खुला समर्थन देने का ऐलान किया है।

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Patna - बिहार के भोजपुर और बक्सर जिले में स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद (MLC) उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. जगदीशपुर प्रखंड के पिरो रोड स्थित एक निजी हॉल में आयोजित वार्ड महासंघ की बैठक में जेडीयू नेता और बिहार प्रदेश महासचिव मनोज उपाध्याय को आगामी उपचुनाव के लिए प्रत्याशी के रूप में पूर्ण समर्थन देने का बड़ा निर्णय लिया गया है. यह सीट पूर्व सदस्य राधाचरण सेठ के विधानसभा चुनाव जीतकर विधायक बन जाने के बाद से रिक्त हुई थी, जिस पर अब निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है.

इस महत्वपूर्ण बैठक में भोजपुर और बक्सर जिले के सभी 25 प्रखंडों से हजारों की संख्या में वार्ड सदस्य और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए. प्रतिनिधियों ने पूर्व में चुने गए सदस्यों के प्रति अपना असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अधिकारों की लड़ाई आज तक सही ढंग से नहीं लड़ी गई है, जिसके कारण वे खुद को अपेक्षित महसूस कर रहे हैं. वार्ड महासंघ ने एकजुटता दिखाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वे उसी उम्मीदवार को अपना वोट देंगे जो उनके मान-सम्मान और हक के लिए सदन में आवाज उठाएगा.

समर्थन मिलने के बाद जेडीयू नेता मनोज उपाध्याय ने सभी वार्ड सदस्यों के प्रति आभार प्रकट किया और उनके विश्वास पर खरा उतरने का संकल्प लिया. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वे उन हजारों वार्ड सदस्यों के हमेशा कर्जदार रहेंगे जिन्होंने इस संगठन को अपने खून-पसीने से सींचा है. उन्होंने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनका यह स्नेह और आशीर्वाद बेकार नहीं जाएगा और वे उनके मान-सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे.

अपनी भावी कार्ययोजना को साझा करते हुए मनोज उपाध्याय ने वादा किया कि यदि वे सदन में पहुँचते हैं, तो सरकारी निधि का वितरण बिना किसी भेदभाव के सभी वार्डों और पंचायतों में समान रूप से किया जाएगा. उन्होंने पूर्व के एमएलसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अन्य नेताओं की तरह चुनाव जीतने के बाद मतदाताओं को भूलेंगे नहीं, बल्कि हर वार्ड सदस्य और वोटर के दरवाजे तक जाकर उनसे सीधा संपर्क बनाए रखेंगे.

इस उपचुनाव में स्थानीय निकाय क्षेत्र के कुल 5,200 वार्ड सदस्य मतदाता हैं, जो हार-जीत का फैसला करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं. वार्ड महासंघ द्वारा मनोज उपाध्याय को प्रत्याशी घोषित किए जाने और हजारों प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने क्षेत्र के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है. अब देखना यह होगा कि इस नए समीकरण का असर अन्य राजनीतिक दलों और आने वाले चुनाव परिणामों पर किस तरह पड़ता है।

Report - Ashish srivastav, arrah