Bihar News : भोजपुर में चल रहा बंगाल का माइनिंग चालान....सरकारी पोर्टल से छेड़छाड़ का हुआ खुलासा, खान निरीक्षक ने आरोपियों पर दर्ज कराया एफआईआर

Bihar News : भोजपुर में चल रहा बंगाल का माइनिंग चालान....सरक

ARA : बिहार के भोजपुर जिले में अवैध बालू भंडारण और सरकारी पोर्टल के साथ छेड़छाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला खनन कार्यालय के खान निरीक्षक राज गौरव ने पवना थाना में आवेदन देकर अवैध रूप से खनिज की 'कैपिंग' जोड़ने वाले लाइसेंसधारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई विभाग के उस निर्देश के बाद की गई है, जिसमें खनन पोर्टल पर अनधिकृत पहुंच और अवैध बालू परिवहन की बात सामने आई थी। 

जांच के दौरान यह पाया गया कि जिला खनन कार्यालय की लॉगिन आईडी "dmobhojpur" का दुरुपयोग कर बिना किसी अनुमति या ओटीपी के 'ऐड कैपिंग' के अनुरोधों को अप्रूव किया गया। इस अवैध प्रक्रिया के जरिए लाइसेंसधारियों ने अपने यूजर आईडी में बालू की मात्रा को फर्जी तरीके से बढ़ा लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि पोर्टल पर यह दिखाया गया कि भारी मात्रा में बालू अन्य राज्यों से रेलवे रैक के माध्यम से लाया गया है, जबकि वास्तव में जिले के किसी भी रेलवे स्टेशन पर ऐसी कोई अनलोडिंग नहीं हुई थी। 

रिपोर्ट के अनुसार, यह धोखाधड़ी एनजीटी द्वारा लगाए गए वर्षा ऋतू प्रतिबंध (15 जून से 15 अक्टूबर) के दौरान और अन्य प्रतिबंधित अवधियों में की गई। नियमों का उल्लंघन करते हुए लाइसेंसधारियों ने पोर्टल पर अवैध रूप से बालू रिसीव किया, जो बिहार खनिज नियमावली, 2019 (संशोधित 2024) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। विभाग ने साफ किया है कि किसी भी लाइसेंसधारी को अन्य राज्यों से बालू प्राप्त करने की अनुमति कभी नहीं दी गई थी। 

इस मामले में मुख्य रूप से 'सुमित कुमार' और अन्य 15 लाइसेंसधारियों के नाम सामने आए हैं। उदाहरण के तौर पर, अगिआंव ब्लॉक के अरैला स्थित एक भंडारण स्थल पर अवैध रूप से 1,25,000 मीट्रिक टन खनिज की कैपिंग जोड़ी गई। विभाग ने अब सभी संबंधित केंद्रों पर भंडारित बालू के भौतिक सत्यापन और रेलवे रैक के दावों की जांच के लिए गुड्स सुपरवाइजर से पुष्टि कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। 

खनन विभाग ने इस कृत्य को भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं और बिहार खनिज नियमावली के नियम 39 एवं 56 के तहत दंडनीय अपराध माना है। खान निरीक्षक ने पवना थानाध्यक्ष से सभी दोषियों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इस खुलासे के बाद खनन माफियाओं और विभागीय लॉगिन का दुरुपयोग करने वाले अज्ञात गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है। 

धीरज पराशर की रिपोर्ट