Bharat Tiwari Encounter: भरत तिवारी एनकाउंटर केस में 4 महीने बाद बड़ा एक्शन, 7 घंटे तक गांव में डटी CID, वीडियो और दस्तावेज खंगाल रही टीम

Bharat Tiwari Encounter: भोजपुर जिले में हुए चर्चित और हाई-प्रोफाइल भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर आ पहुंच गई है।...

Bharat Tiwari Encounter Case

Bharat Tiwari Encounter:   भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। घटना के चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद सीआईडी (CID) की सक्रियता से मामले में नई हलचल पैदा हो गई है। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव में डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची विशेष जांच टीम ने करीब सात घंटे तक घटनास्थल पर रहकर बारीकी से छानबीन की। टीम ने घटनाक्रम को दोबारा समझने के लिए स्पॉट रीक्रिएशन कराया और परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। इस कार्रवाई के बाद मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं पर फिर से चर्चा तेज हो गई है।

बिलौटी गांव में सात घंटे तक जांच, घटनास्थल का कराया रीक्रिएशन

भोजपुर के बिलौटी गांव में सीआईडी की टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर उस समय की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की। जांच के दौरान भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी को भी साथ रखा गया। उन्होंने टीम को घटना से जुड़ी जानकारी दी और अपने भाई की मौत को कथित साजिश बताते हुए सवाल उठाए।जांच टीम ने घटनाक्रम के अलग-अलग पहलुओं को मौके पर समझने के लिए रीक्रिएशन कराया। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रिकॉर्डिंग और संबंधित सामग्री को आगे की जांच के लिए पटना ले जाया गया है। हालांकि, घटनास्थल पर जुटाए गए साक्ष्यों से क्या निष्कर्ष निकला है, इस पर अभी कोई अंतिम आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ, परिवार के 11 सदस्यों के बयान

सीआईडी ने जांच का दायरा केवल घटनास्थल तक सीमित नहीं रखा। टीम ने बिलौटी टांड़ के उन ग्रामीणों से भी पूछताछ की, जिन्हें घटना के समय वहां मौजूद रहने या घटनाक्रम देखने की जानकारी है। प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के वक्त की परिस्थितियों, लोगों की गतिविधियों और घटनास्थल पर मौजूद स्थितियों के बारे में सवाल किए गए। इसके अलावा, मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी, पिता काशीनाथ तिवारी और भाभी सुमन देवी समेत परिवार के कुल 11 सदस्यों से पूछताछ की गई। परिजनों का आरोप है कि मामले में एक गिरफ्तारी के बाद जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। अब सीआईडी की सक्रियता से परिवार को उम्मीद है कि मामले की तह तक पहुंचा जा सकेगा।

फेसबुक लाइव वीडियो और लिखित आवेदनों की जांच

इस मामले में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी के मुताबिक, उन्होंने जांच टीम को घटना से पहले भरत के फेसबुक लाइव के दौरान बनाए गए वीडियो और एसडीएम के खिलाफ दिए गए लिखित आवेदनों से संबंधित सामग्री सौंपी है।इन दस्तावेजों और वीडियो की जांच से घटना से पहले की परिस्थितियों तथा भरत तिवारी की ओर से उठाए गए मुद्दों को समझने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सामग्रियों की जांच के निष्कर्ष अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। किसी भी आरोप की पुष्टि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

छह से सात अन्य लोगों से भी हो सकती है पूछताछ

मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी की टीम छह से सात अन्य संदिग्धों और गवाहों से भी पूछताछ कर सकती है। घटनास्थल के निरीक्षण, गवाहों के बयान, परिजनों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर आगे की जांच की जाएगी।

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सबकी निगाहें सीआईडी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। अहम सवाल यह है कि घटनास्थल से मिले तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों से क्या नई जानकारी सामने आती है और क्या जांच के आधार पर किसी की भूमिका को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष निकलता है। सीआईडी ने स्पष्ट किया है कि अभी इस मामले में छह से सात अन्य संदिग्धों और गवाहों से भी पूछताछ की जाएगी। बयानों, स्पॉट वेरिफिकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तैयार की जा रही यह रिपोर्ट आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर की परतें पूरी तरह से बेनकाब कर सकती है। फिलहाल, राज्यभर की निगाहें इस जांच के निष्कर्ष पर टिकी हैं कि क्या सचमुच दोषियों पर कानून का शिकंजा कसेगा या यह मामला कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा।

हीरेश कुमार