भाजपा में 'महासंग्राम': गोह में दो फाड़ हुई पार्टी, पुण्यतिथि कार्यक्रमों में दिखा भयंकर विद्रोह

औरंगाबाद के गोह विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर मची रार अब सड़कों पर आ गई है। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम और पार्टी के ही दूसरे गुट द्वारा आयोजित समानांतर कार्यक्रम ने अंदरूनी कलह की पोल खोलकर रख दी है।

भाजपा में 'महासंग्राम': गोह में दो फाड़ हुई पार्टी, पुण्यतिथि

Aurangabad - : बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह अब एक भयंकर विद्रोह का रूप ले चुकी है। प्रखंड मुख्यालय में आयोजित दो अलग-अलग पुण्यतिथि कार्यक्रमों ने यह साफ कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर भाजपा दो खेमों में पूरी तरह बंट चुकी है। पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह और अरवल विधायक मनोज शर्मा के नेतृत्व में हुए इन आयोजनों ने पार्टी के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

प्रखंड मुख्यालय में बंटी भाजपा की निष्ठा

गोह प्रखंड मुख्यालय में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई जब भाजपा के दो अलग-अलग गुटों ने अपने-अपने नेताओं के नेतृत्व में कार्यक्रम आयोजित किए। एक तरफ जिला प्रशासन के सहयोग से पंडित रामबिलास शर्मा की पुण्यतिथि मनाई जा रही थी, तो दूसरी तरफ टाउन हॉल में एक और दिग्गज नेता की याद में कार्यक्रम चल रहा था। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी के भीतर निष्ठाएं दो हिस्सों में बंट चुकी हैं।

पूर्व सांसद सुशील सिंह और रणविजय सिंह का खेमा

प्रशासनिक आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में औरंगाबाद के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह शामिल हुए। इस कार्यक्रम की कमान गोह विधानसभा से भाजपा के प्रत्याशी रहे रणविजय कुमार सिंह संभाल रहे थे। इस खेमे में बड़ी संख्या में उन कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही जो रणविजय सिंह और सुशील सिंह के नेतृत्व में पार्टी को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं।

टाउन हॉल में विधायक मनोज शर्मा का शक्ति प्रदर्शन

ठीक इसी समय, प्रखंड मुख्यालय के ही टाउन हॉल में एक दूसरा बड़ा जमावड़ा लगा था। यहाँ अरवल विधायक मनोज शर्मा के नेतृत्व में गोह के पूर्व विधायक स्वर्गीय डॉ. डी.के. शर्मा की पुण्यतिथि मनाई जा रही थी। इस कार्यक्रम में भी सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर यह संकेत दिया कि वे स्थानीय समीकरणों में मनोज शर्मा के प्रभाव को कम नहीं आंकते।

सुरक्षित सीट पर 'खतरे' की घंटी

राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि मनोज शर्मा के अरवल चले जाने के बाद गोह विधानसभा सीट भाजपा के लिए काफी सुरक्षित और सुलभ हो गई थी। लेकिन पुण्यतिथि कार्यक्रमों के दौरान जिस तरह का भयंकर विद्रोह और गुटबाजी देखने को मिली, उसने रणनीतिकारों की चिंता बढ़ा दी है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि यह अंदरूनी कलह जल्द नहीं थमी, तो आने वाले चुनावों में पार्टी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती

दोनों ही गुटों ने अपने-अपने महापुरुषों की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और अपनी ताकत दिखाई। जानकारों का कहना है कि यह केवल पुण्यतिथि का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्चस्व की लड़ाई है। एक ही दिन, एक ही जगह पर दो समानांतर आयोजनों ने यह सिद्ध कर दिया है कि गोह भाजपा में 'अंदरूनी लोकतंत्र' अब 'अंदरूनी कलह' में बदल चुका है, जो भविष्य के लिए घातक साबित हो सकता है।

Report - dinanath mauaar