Aurangabad school timings: कड़ाके की ठंड के चलते औरंगाबाद में स्कूलों पर अस्थायी रोक, प्रशासन अलर्ट
Aurangabad school timings: औरंगाबाद में बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने कक्षा 8 तक के स्कूल बंद करने और उच्च कक्षाओं के समय में बदलाव का आदेश जारी किया है।
Aurangabad school timings: औरंगाबाद जिले में ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जबकि रात और सुबह के समय ठिठुरन और ज्यादा महसूस की जा रही है। ठंडी पछुआ हवाओं और घने कोहरे के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों को भी भारी परेशानी हो रही है। मौसम वैज्ञानिक अनूप कुमार चौबे के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज हो सकता है।
बच्चों की सेहत को देखते हुए प्रशासन का फैसला
लगातार बिगड़ते मौसम को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने शैक्षणिक गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। खासकर छोटे बच्चों पर ठंड के दुष्प्रभाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रशासन का मानना है कि सुबह-सुबह ठंड और कोहरे में स्कूल जाना बच्चों की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
जिलाधिकारी का आदेश हुआ जारी
जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा कि औरंगाबाद जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्री-स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में कक्षा 8 तक की सभी शैक्षणिक गतिविधियां 5 जनवरी 2026 से 7 जनवरी 2026 तक पूरी तरह बंद रहेंगी। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई पर सुबह 11 बजे से पहले और दोपहर 3:30 बजे के बाद रोक रहेगी। हालांकि परीक्षा से जुड़ी विशेष कक्षाओं को इस आदेश से बाहर रखा गया है।
ठंड से बचाव को लेकर प्रशासन की तैयारी
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने ठंड को लेकर अलर्ट जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह और शाम अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, गर्म कपड़े पहनें और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था, रैन बसेरों की निगरानी और जरूरतमंदों तक कंबल पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
हालात पर लगातार नजर
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मौसम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अगर ठंड का असर इसी तरह बना रहा, तो प्रतिबंध की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। प्रशासन ने सभी स्कूल प्रबंधन से आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है, ताकि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।