चैती छठ 2026: औरंगाबाद के देव मंदिर और सूर्य कुंड का हुआ कायाकल्प, प्रभारी मंत्री करेंगे मेले का आगाज
चैती छठ 2026: चैती छठ को लेकर सूर्य नगरी देव में तैयारियां पूरी कर ली गयी है. प्रभारी मंत्री इस मेले का उद्घाटन करेंगे.......पढ़िए आगे
AURANGABAD : भगवान भास्कर की नगरी देव में महापर्व चैती छठ को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्रेतायुगीन निर्मित ऐतिहासिक सूर्य मंदिर और पौराणिक कुष्ठ निवारण तालाब (सूर्य कुंड) की साफ-सफाई और रंग-रोगन का कार्य संपन्न हो चुका है। जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि चार दिवसीय इस महापर्व के लिए पूरे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को सजाया गया है। कल, जिला प्रभारी मंत्री संतोष सुमन के कर-कमलों द्वारा इस भव्य चार दिवसीय छठ मेले का विधिवत उद्घाटन किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष देव में आयोजित होने वाले चैती छठ महापर्व में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने का अनुमान लगाया गया है। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला पदाधिकारी ने बताया कि आवासन (ठहरने की व्यवस्था), आधुनिक शौचालय, शुद्ध पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के लिए निशुल्क परिवहन सेवा की भी व्यवस्था की गई है, जिससे बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले लोगों को मंदिर तक पहुँचने में आसानी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर औरंगाबाद के पुलिस कप्तान (SP) अमरीष राहुल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि मेले की सुरक्षा के लिए जिले में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और आसमान से ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने कई स्थानों पर आधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। इन केंद्रों से जिले के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मेले की गतिविधियों पर पल-पल की नजर बनाए रखेंगे। इसके अलावा, वाहनों के दबाव को कम करने और जाम की स्थिति से बचने के लिए मंदिर परिसर से दूर कई एकड़ क्षेत्र में पार्किंग की विस्तृत व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी एम्बुलेंस और जीवन रक्षक दवाओं के साथ मेला क्षेत्र में 24 घंटे तैनात रहेंगी ताकि किसी भी चिकित्सा आपातकाल में तुरंत सहायता प्रदान की जा सके।
अंततः, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से इस महापर्व को मनाएं और सरकारी निर्देशों का पालन करें। सूर्य नगरी देव में त्रेता काल से चली आ रही इस परंपरा को सुरक्षित और भक्तिमय माहौल में संपन्न कराने के लिए नागरिक सुरक्षा समितियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन व्यापक इंतजामों के कारण श्रद्धालुओं को इस बार पहले से कहीं बेहतर और सुरक्षित अनुभव प्राप्त होगा, जिससे देव की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को और अधिक मजबूती मिलेगी।
दीनानाथ की रिपोर्ट