मेंहदी का रंग अधूरा… और किस्मत ने छीन लिया सुहाग, दर्दनाक हादसे में नवविवाहित की मौत से इलाके में मातम
Bihar Road Accident:अभी दुल्हन की हथेलियों पर मेंहदी का रंग पूरी तरह गहरा भी नहीं हुआ था कि ज़िंदगी की रफ़्तार ने ऐसा कहर बरपाया कि खुशियों का पूरा संसार ही उजड़ गया।
Bihar Road Accident:अभी दुल्हन की हथेलियों पर मेंहदी का रंग पूरी तरह गहरा भी नहीं हुआ था कि ज़िंदगी की रफ़्तार ने ऐसा कहर बरपाया कि खुशियों का पूरा संसार ही उजड़ गया। औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र स्थित झीकटिया मोड़ पर शनिवार की देर रात हुआ यह हादसा सिर्फ एक टक्कर नहीं था, बल्कि एक ऐसे घर की रोशनी बुझ जाने की दास्तान है, जिसने अभी कुछ ही महीनों पहले दूल्हा-दुल्हन के कदमों की आहट से नई उम्मीदों का दीया जलाया था। रात के सन्नाटे में अचानक गूँजी टक्कर की आवाज़ ने माहौल को दहला दिया। बाइक और ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने भिड़ंत इतनी भीषण थी कि प्रमोद रिकियासन की मौके पर ही ज़िंदगी से डोर टूट गई। प्रमोद, ग्राम पंचायत निमाआजन के चांदपुर निवासी बिगन भुइयां का पुत्र था। पिता का कांपता हुआ स्वर हादसे की भयावहता और दिल के दर्द को बयां कर रहा था कि बाबू, अपना निजी काम ख़त्म कर मदनपुर बाज़ार से लौट रहा था, किसे पता था कि यही रास्ता उसे हमसे हमेशा के लिए छीन ले जाएगा।
बूढ़े पिता की जुबान पर बार-बार एक ही बात आ रही थी कि उसकी शादी अभी कुछ महीनों पहले ही हुई थी… घर में अभी भी रस्मों की खुशबू बसी है। यह सुनते ही मौजूद लोगों की आंखें नम हो उठीं। एक नवविवाहिता के सपने, उसके सुहाग की रक्षा की दुआएं और ससुराल की नयी दहलीज से जुड़े अरमान सब कुछ एक क्षण में राख हो गया।
हादसे की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना के एसआई सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुँचे। घायल प्रमोद को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
इस हादसे के बाद चांदपुर गांव पर मातम की चादर बिछ गई है। घर में कोहराम का ऐसा मंजर है कि दीवारें भी जैसे रो रही हों। मां-बाप के सीने में उठता दर्द, पत्नी के सुहाग के टूटने का गम और रिश्तेदारों की सिसकियाँ सब मिलकर ऐसा मंजर बना रही हैं कि पूरा गांव शोक की गिरफ्त में है।
तेज़ रफ्तार ने एक ज़िंदगी नहीं छीनी, बल्कि कई अरमानों को हमेशा के लिए ख़ामोश कर दिया। सड़क पर बिखरे मलबे के साथ एक परिवार के सपने भी बिखर गए… और पीछे रह गई सिर्फ एक कहानी—नवविवाहिता की मेंहदी का रंग सूखने से पहले ही किस्मत ने उसका सुहाग छीन लिया।
रिपोर्ट- दीनानाथ मौआर