Bihar Crime : बांका में स्कूल के हॉस्टल में पहली कक्षा के छात्र को 20 बार चाकू से गोदा, हालत गंभीर, अस्पताल में चल रहा है इलाज

Bihar Crime : बांका में निजी स्कूल के पहली कक्षा के छात्र के सिर पर चाकू से 20 बार हमले किये गए हैं. जिसे गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है......पढ़िए आगे

Bihar Crime : बांका में स्कूल के हॉस्टल में पहली कक्षा के छा
छात्र पर हमला - फोटो : SOCIAL MEDIA

BANKA : बिहार के बांका जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक नामी प्राइवेट स्कूल के हॉस्टल में रह रहे पहली कक्षा के छात्र पर जानलेवा हमला किया गया है। बेखौफ अपराधियों या अज्ञात हमलावरों ने मासूम के सिर पर चाकू से 20 से ज्यादा बार वार कर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की। घटना के बाद लहूलुहान हालत में तड़प रहे बच्चे को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल मासूम को आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

घायल मासूम की पहचान कटोरिया थाना क्षेत्र के जमुआरी गांव निवासी कुमुद यादव के 8 वर्षीय पुत्र आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो माउंट कार्मेल पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में रहकर पहली कक्षा में पढ़ाई करता था। परिजनों के मुताबिक, घटना की रात आनंद हॉस्टल के टॉयलेट की छत पर खून से लथपथ और बेसुध हालत में पड़ा हुआ मिला था। बच्चे के पिता कुमुद यादव ने बताया कि सुबह हॉस्टल प्रशासन की तरफ से फोन कर सिर्फ इतनी जानकारी दी गई थी कि बच्चे की तबीयत बहुत खराब है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे, तो बच्चे के शरीर पर चाकू के अनगिनत गहरे जख्म देखकर उनके होश उड़ गए।

इस खौफनाक वारदात को लेकर हॉस्टल के ही एक अन्य छात्र ने परिजनों को चौंकाने वाली जानकारी दी है। छात्र के मुताबिक, आनंद कुमार को रात के करीब 12 बजे उसके कमरे से बाहर निकाला गया था और हॉस्टल की छत पर बने बाथरूम के पास ले जाया गया। इसके बाद सुबह लगभग 5 बजे जब अन्य बच्चों की नजर वहां पड़ी, तो आनंद बाथरूम के भीतर खून से सना हुआ तड़प रहा था। पीड़ित परिवार के सदस्य चंदू कुमार ने बताया कि जून महीने की छुट्टियां बिताने के बाद बच्चा महज 4-5 दिन पहले ही घर से वापस हॉस्टल लौटा था। उन्होंने साफ कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, इसलिए यह समझ से परे है कि इस मासूम पर इतना क्रूर हमला किसने और क्यों किया।

इधर, घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हॉस्टल संचालक राजीव के पिता कैलाश यादव ने बताया कि वे लोग रात के करीब 12 बजे तक जगे हुए थे, लेकिन उन्हें इसकी भनक नहीं लगी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वारदात के दौरान साक्ष्य मिटाने या अपनी पहचान छुपाने की नीयत से हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया गया। सुबह जानकारी मिलने पर प्रबंधन द्वारा बच्चे को तुरंत बांका अस्पताल ले जाया गया और परिजनों को सूचित किया गया। हॉस्टल का संचालन कैलाश यादव का पुत्र राजीव कुमार करता है।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना के बाद से छात्र के गांव और स्कूल परिसर में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। हॉस्टल परिसर के अंदर सीसीटीवी कैमरों का तोड़ा जाना और रात के अंधेरे में एक 8 साल के बच्चे को कमरे से निकालकर बेरहमी से गोदा जाना किसी बड़ी साजिश या आंतरिक सुरक्षा चूक की ओर इशारा कर रहा है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है। पुलिस हॉस्टल के कर्मचारियों, संचालक और अन्य छात्रों से पूछताछ कर रही है ताकि इस खूनी वारदात के पीछे छिपे चेहरों को बेनकाब किया जा सके।