ED Raid in Patna & Banka: महादेव एन्क्लेव पर ED का शिकंजा, बिहार से राजस्थान तक 8 ठिकानों पर ताबड़तोड़ तलाशी

बिहार के बांका में ₹131 करोड़ के अवैध बालू खनन मामले में ED ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार, दिल्ली और राजस्थान के 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। अशोक चांडक का नाम राजस्थान की राजनीति और शराब कारोबार, दोनों क्षेत्रों में जाना जाता है।

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महादेव एन्क्लेव पर ED का शिकंजा, बिहार से राजस्थान तक 8 ठिकानों पर ताबड़तोड़ तलाशी- फोटो : Reporter

बिहार के बांका जिले में हुए ₹131 करोड़ के कथित अवैध बालू खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने  शुक्रवार को एक साथ बड़ी कार्रवाई की है। ED की पटना जोनल यूनिट ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बिहार, दिल्ली और राजस्थान के कुल आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से अवैध खनन सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।


निशाने पर महादेव एन्क्लेव: राजस्थान के चांदक परिवार से जुड़े तार

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई 'महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी और उससे जुड़े परिसरों पर केंद्रित रही। इस कंपनी का संचालन मुख्य रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर के निवासी चांदक परिवार द्वारा किया जाता है, जिसमें अशोक चांदक और उनके बेटे राघव चांदक प्रमुख भूमिका में हैं। ED का आरोप है कि इस कंपनी ने बांका के विभिन्न बालू घाटों पर बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी और अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया है। अशोक चांडक का नाम राजस्थान की राजनीति और शराब कारोबार, दोनों क्षेत्रों में जाना जाता है। उन्होंने 2018 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया।


IIT पटना की रिपोर्ट से खुलासा: 8 वर्षों तक चलता रहा अवैध खनन का खेल

ED की जांच में सामने आया है कि वित्त वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच कंपनी ने बांका के बालू घाटों से नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर खनन किया, जिसका कोई रिकॉर्ड राज्य के खनन विभाग के पास नहीं था। इस मामले में एक बड़ा मोड़ तब आया जब अक्टूबर 2024 में IIT पटना द्वारा एक विशेष जियोस्पेशियल विश्लेषण (सैटेलाइट आधारित तकनीकी जांच) किया गया। इस तकनीकी रिपोर्ट में ही ₹131 करोड़ से अधिक के अवैध बालू खनन का आधिकारिक रूप से खुलासा हुआ।


तकनीकी साक्ष्यों के बाद FIR: कानूनी कार्रवाई का बढ़ा दायरा

IIT पटना की रिपोर्ट और जांच में मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट बिहार स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड को सौंपी थी। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए खान एवं भू-तत्व विभाग ने 21 अगस्त 2025 को एक औपचारिक FIR दर्ज कराई। इसी एफआईआर को आधार बनाकर ED ने अपनी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच को और तेज कर दिया है।


बांका कार्यालय समेत कई ठिकानों की घेराबंदी: डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जब्त

ED की टीमों ने बांका और पटना में दो-दो, दिल्ली-एनसीआर में एक, तथा राजस्थान के श्रीगंगानगर में चार और जयपुर में एक ठिकाने पर सघन तलाशी ली। बांका के कटोरिया बस स्टैंड के पास स्थित 'लाल कोठी' में महादेव एन्क्लेव के मुख्य कार्यालय की भी घेराबंदी की गई, जहां समाचार लिखे जाने तक मुख्य गेट बंद था और कार्रवाई जारी थी। छापेमारी के दौरान ED ने कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य अहम साक्ष्य जब्त किए हैं, जिनकी स्क्रूटनी की जा रही है।

बांका से चंद्रशेखर कुमार भगत की रिपोर्ट