बांका में ऑनर किलिंग: प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी बेटी, अधिवक्ता पिता और भाई ने गला रेतकर मार डाला
बांका में सामने आई इस दिल दहला देने वाली वारदात ने रिश्तों को कलंकित कर दिया है। ऑनर किलिंग के इस मामले में प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी बेटी, अधिवक्ता पिता और भाई ने गला रेतकर मार डाला
बिहार के बांका जिले के चमरैली गांव में 'ऑनर किलिंग' का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक अधिवक्ता पिता और उसके बेटे ने मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी सुप्रिया की गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी। शनिवार सुबह गांव के पास एक नहर से किशोरी का खून से लथपथ शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस की शुरुआती जांच में ही यह साफ हो गया कि यह किसी बाहरी अपराधी का काम नहीं, बल्कि घर के ही सदस्यों की सोची-समझी साजिश थी।
अपहरण की झूठी कहानी: प्रेमी को फंसाने की थी साजिश
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता शशिभूषण झा ने कानून से बचने के लिए एक शातिर योजना बनाई। उन्होंने अपनी बेटी की हत्या को अपहरण का रूप देने की कोशिश की और टाउन थाना में पड़ोसी गांव के युवक शैलेश कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पिता का आरोप था कि शैलेश ने शादी की नीयत से उनकी बेटी का अपहरण कर लिया है। हालांकि, पुलिस को इस कहानी पर शुरू से ही संदेह था, जो जांच के बाद सच साबित हुआ।
पुलिस की विशेष टीम और वैज्ञानिक अनुसंधान
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर डीएसपी अमर विश्वास के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल्स और एफएसएल (FSL) टीम की मदद ली। वैज्ञानिक जांच के दौरान मृतिका के घर के अंदर और आंगन में खून के कई धब्बे पाए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सुप्रिया की हत्या कहीं और नहीं बल्कि उसके अपने ही कमरे में की गई थी।
शादी की जिद और सामाजिक लोक-लज्जा का डर
पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि 1 जनवरी की रात सुप्रिया अपने प्रेमी शैलेश से शादी करने की जिद पर अड़ी थी। उसने परिजनों को स्पष्ट कह दिया था कि वह घर छोड़कर चली जाएगी लेकिन शादी उसी से करेगी। सामाजिक बदनामी और लोक-लज्जा के डर से आगबबूला होकर पिता और भाई ने पहले सुप्रिया के साथ मारपीट की और फिर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। हत्या के बाद शव को घर से 250 मीटर दूर नहर में फेंक दिया गया।
फोन पर रिकॉर्ड हुई आखिरी चीख और मौत की गवाही
इस केस में मृतिका का प्रेमी शैलेश कुमार पुलिस का अहम गवाह बना। शैलेश ने बताया कि वारदात की रात करीब 10:30 बजे उसकी सुप्रिया से फोन पर बात हो रही थी। बातचीत के दौरान सुप्रिया ने डरते हुए कहा था कि उसकी जान को खतरा है और उसे बचा लिया जाए। उसी वक्त फोन पर मारपीट और सुप्रिया की चीख-पुकार सुनाई देने लगी और अचानक कॉल कट गया। यह कॉल डिटेल आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने में सबसे बड़ा सबूत बनी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: जला दिए बेड और कपड़े
अपराध को छुपाने के लिए पिता और भाई ने हर मुमकिन कोशिश की। एफएसएल टीम की जांच में खुलासा हुआ कि सुप्रिया की हत्या उसके बेड पर ही की गई थी। सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने खून से सने बेडशीट, कपड़े और अन्य सामानों को जला दिया। हालांकि, वे पूरी तरह सफल नहीं हुए। पिता के हाथ में बंधे रक्षा सूत्र (कलावा) पर भी मृतिका के खून के छींटे पाए गए, जो उनकी संलिप्तता का सबसे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण बना।
हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद, पिता-पुत्र गिरफ्तार
पुलिस की कड़ी पूछताछ के सामने अधिवक्ता पिता शशिभूषण झा ज्यादा देर टिक नहीं सके और अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने घर के आंगन में आम के पेड़ के नीचे छिपाकर गाड़ा गया हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना ने समाज में प्रेम और प्रतिष्ठा के बीच पनप रही हिंसक मानसिकता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है।
रिपोर्ट - चंद्रशेखर भगत, बांका