हत्या के केस में जेल में बंद कैदी की मौत, , परिजनों ने कहा - कल स्वस्थ थे, आज मौत की खबर मिली

बेगूसराय मंडल कारा में पिछले 8 महीनों से बंद एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और कैदियों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हत्या के केस में जेल में बंद कैदी की मौत, , परिजनों ने कहा -

Begusarai - : बेगूसराय मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। मृतक के परिजनों ने जेल प्रशासन पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक की पहचान सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी निवासी सदरे आलम उर्फ टूना के रूप में हुई है, जो पिछले 8 महीनों से जेल की सलाखों के पीछे था।

हत्या के मामले में बंद था मृतक

जानकारी के अनुसार, सिंघौल थाना क्षेत्र के डुमरी वार्ड नंबर 7 निवासी सदरे आलम उर्फ टूना गांव में ही हुए दो पक्षों के विवाद में मोहम्मद मुन्ना की हत्या के मामले में नामजद अभियुक्त था। उसे 8 माह पहले इस मामले में जेल भेजा गया था। हालांकि, परिजनों का दावा है कि उसे गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया था। 

"कल स्वस्थ थे, आज मौत"—परिजनों का विरोधाभास

मृतक के परिजनों ने बताया कि सदरे आलम पूरी तरह स्वस्थ थे और कल ही उनसे मुलाकात हुई थी। परिजनों के अनुसार, जेल प्रशासन ने आज अचानक उनकी मौत की खबर दी। परिजनों का आरोप है कि कल अचानक तबीयत खराब होने के बाद उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला, जिसके कारण उनकी जान चली गई। 


जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल

इस घटना के बाद जेल प्रशासन पर कैदियों की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का सीधा आरोप है कि प्रशासन ने सदरे आलम की बिगड़ती स्थिति को नजरअंदाज किया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया और वे अस्पताल के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुट गए। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सदरे आलम के पार्थिव शरीर को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों—चाहे वह बीमारी हो या कोई अन्य कारण—का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। 

निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग

परिजनों ने प्रशासन से इस पूरी घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की अपील की है।  उनका कहना है कि अगर इलाज में देरी हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, बेगूसराय में इस घटना को लेकर तनाव और शोक का माहौल बना हुआ है। 

रिपोर्ट - अजय  शास्त्री