अपराधियों की गोली के शिकार नेशनल खिलाड़ी मौत से लड़ रहे जंग, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने की मुलाकात

खेलो इंडिया 2025 में बिहार वॉलीबॉल टीम के कप्तान रहे गोविंद कुमार को बेगूसराय में अपराधियों ने गोली मारी। पटना में चल रहा इलाज, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने दिया कार्रवाई का भरोसा।

अपराधियों की गोली के शिकार नेशनल खिलाड़ी मौत से लड़ रहे जंग,

Begusarai -: बिहार के उभरते हुए खेल सितारे और नेशनल वॉलीबॉल खिलाड़ी गोविंद कुमार वर्तमान में पटना के एक निजी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि 31 मार्च को बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों ने उन्हें गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद से उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

खेलो इंडिया और नेशनल गेम्स में कर चुके हैं बिहार का नेतृत्व

गोविंद कुमार बिहार के खेल जगत का एक जाना-माना नाम हैं। साल 2025 में आयोजित 'खेलो इंडिया गेम्स' में उन्हें बिहार वॉलीबॉल टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था। इसके अलावा, उन्होंने नेशनल गेम्स में भी बिहार का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। आज वही होनहार खिलाड़ी अस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने जाना हाल, कार्रवाई का दिया निर्देश

गुरुवार दोपहर बिहार सरकार की खेल मंत्री और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह गोविंद कुमार से मुलाकात करने पटना के अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने डॉक्टरों से खिलाड़ी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और परिजनों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री ने बेगूसराय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात कर दोषियों पर अविलंब और कड़ी कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया है।

अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुलाकात के बाद श्रेयसी सिंह ने कहा कि समाज में अशांति फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोविंद कुमार पर हमला करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि खिलाड़ी के इलाज में आने वाले खर्च और अन्य जरूरतों में सरकार पूरी तरह साथ खड़ी है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 31 मार्च की है, जब बेगूसराय के जीडी कॉलेज रोड स्थित बजरंग चौक के पास अपराधियों ने गोविंद कुमार को निशाना बनाया और उन्हें गोली मार दी। गोली लगने के बाद गोविंद लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।