Bihar School: हद है! ...साढ़े 10 बजे आएंगे, तुमको जो करना है कर लो...लेटलतीफी पर ग्रामीणों को दिया टका सा जवाब, BPSC शिक्षक की दबंगई!

Bihar School: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और जवाबदेही को लेकर ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।...

BPSC Teacher Faces Questions Over Late Arrival at Bihar Scho
BPSC शिक्षक की दबंगई! - फोटो : reporter

Bihar School:  सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और जवाबदेही को लेकर बेगूसराय से ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंसूरचक प्रखंड के समसा-02 पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, नयाटोल बलुआ सड़क में एक BPSC शिक्षक के कथित तौर पर निर्धारित समय के बाद विद्यालय पहुंचने और ग्रामीणों के सवाल पर आपत्तिजनक अंदाज में जवाब देने का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और शिक्षा विभाग से जांच की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार को संबंधित शिक्षक करीब साढ़े 10 बजे विद्यालय पहुंचे। शिक्षक के देर से स्कूल आने पर ग्रामीणों ने उनसे सवाल किया कि आखिर वह निर्धारित समय पर विद्यालय क्यों नहीं पहुंचते हैं। इसी दौरान शिक्षक और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि सवाल पूछे जाने पर शिक्षक ने कथित तौर पर कहा “साढ़े 10 बजे आएंगे, तुमको जो करना है कर लो।”शिक्षक के कथित जवाब के बाद मामला इलाके में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई और भविष्य सीधे तौर पर शिक्षकों की जिम्मेदारी से जुड़ा है। ऐसे में यदि शिक्षक समय पर विद्यालय नहीं पहुंचते हैं तो इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ना स्वाभाविक है।

BPSC शिक्षक से ग्रामीणों को थी बड़ी उम्मीद

ग्रामीणों का कहना है कि BPSC के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की गई थी। ऐसे में किसी शिक्षक पर समय पालन में कथित लापरवाही का आरोप लगना गंभीर विषय है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति और समय पालन की नियमित निगरानी पर्याप्त तरीके से नहीं होने के कारण ऐसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं। उनका कहना है कि विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ अनुशासन और जवाबदेही का माहौल कायम करना जरूरी है।

जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

हालांकि, पूरे मामले में संबंधित शिक्षक का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि बुधवार को उनके देर से विद्यालय पहुंचने के पीछे कोई विशेष वजह थी या नहीं। लिहाजा ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।अब निगाहें शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि विभाग ग्रामीणों की शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या विद्यालय में शिक्षक की कथित देरी तथा ग्रामीणों के साथ हुई बातचीत की जांच कराई जाएगी। फिलहाल इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और सरकारी स्कूलों में समय पर उपस्थिति, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग तेज हो गई है।

रिपोर्ट- अजय शास्त्री