Bihar News: 100 बीघा जमीन पर संग्राम, मंत्री संजय पासवान पर अतिक्रमण कराने का आरोप, ग्रामीणों ने DM-SP से लगाई न्याय की गुहार
Bihar News:मुसहर बस्ती में भूमि विवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच जमीन मालिकों ने बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान पर गंभीर आरोप लगाया है...
Bihar News: बेगूसराय जिले में 100 बीघा जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है। चांदपुरा थाना क्षेत्र स्थित कैथ मुसहर बस्ती में भूमि विवाद को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच जमीन मालिकों ने बिहार सरकार के गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विवादित भूमि पर जबरन कब्जा कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि विरोध करने पर कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन पर हमला किया, पत्थरबाजी की और धारदार हथियार से प्रहार करने का प्रयास किया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि हमलावर खुद को मंत्री संजय पासवान का करीबी और समर्थक बता रहे थे।
आरोप लगाने वाले लोगों का कहना है कि पुलिस की मौजूदगी में भी कथित अतिक्रमणकारियों का हौसला बुलंद दिखाई दिया। उनका आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। घटना के बाद इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने वालों को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कानून में फंसाने की धमकी दी जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित लोगों ने जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाया तो स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।
इधर, इस पूरे मामले में मंत्री संजय पासवान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस प्रशासन ने भी सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है। फिलहाल कैथ मुसहर बस्ती और आसपास के इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह मामला अब केवल जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक जवाबदेही का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
रिपोर्ट- अजय शास्त्री