मुंगेर और बेगूसराय में खनन विभाग की बड़ी कार्रवाई : 150 से अधिक वाहनों की जांच, 3 जब्त और 35 लाख का जुर्माना

मुंगेर और बेगूसराय जिलों में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन द्वारा बीते 7 दिनों से लगातार वाहनों की जांच और अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है......

मुंगेर और बेगूसराय में खनन विभाग की बड़ी कार्रवाई : 150 से अध
अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई- फोटो : धीरज पराशर

Munger/Begusarai : अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुंगेर और बेगूसराय जिलों में खनिज विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार को लगातार मिल रही गुप्त सूचनाओं के आधार पर पिछले सात दिनों से एक व्यापक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के संचालित होने वाले वाहनों पर नकेल कसना और अवैध खनन के अवैध कारोबार को पूरी तरह से रोकना है।


150 से अधिक गाड़ियों की पड़ताल और तीन ट्रकों की जब्ती

प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए खनिज विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार के नेतृत्व में टीम ने दोनों जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस विशेष अभियान के दौरान लगभग 150 से ज्यादा ट्रकों और अन्य भारी वाहनों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने मुख्य मार्गों पर कड़ी चौकसी बरती, जिसमें नियमों की अनदेखी करने वाले 3 ट्रकों के पास वैध खनन कागजात नहीं पाए जाने पर उन्हें तुरंत जब्त कर लिया गया।


खनन विभाग द्वारा लगाया गया 35 लाख रुपये का जुर्माना

News4Nation से खास बातचीत के दौरान खनिज विकास पदाधिकारी गोपाल कुमार ने इस कार्रवाई के वित्तीय पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए और नियमों का उल्लंघन करने वाले इन सभी ट्रकों पर केवल खनन विभाग की तरफ से लगभग 35 लाख रुपये का भारी-भरकम खनन जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, ओवरलोडिंग या अन्य कमियों के लिए परिवहन विभाग द्वारा लगाया जाने वाला जुर्माना इस राशि से बिल्कुल अलग होगा।

फर्जीवाड़े पर प्रशासन की दो टूक: एक चालान पर कई फेरे लगाने वालों की खैर नहीं

प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब किसी भी तरह की चालाकी नहीं चलेगी। यदि कोई एक ही चालान पर 3 से 4 गाड़ियां निकालता है, एक ही चालान पर 3 से 4 ट्रिप लगाता है, या फिर बिना माइनिंग चालान और ओवरलोड वाहन चलाता है, तो उसके खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने दो टूक शब्दों में यह भी साफ कर दिया है कि यह अभियान एक-दो दिन का नहीं, बल्कि नियमित रूप से हर दिन चलेगा।


धीरज पराशर की रिपोर्ट