Bettiah Raj:सदियों पुराना बेतिया राज रिकॉर्ड अब डिजिटल फॉर्म में होगा सुरक्षित, दस्तावेजों की स्कैनिंग तेज

Bettiah Raj: बिहार सरकार के राजस्व पर्षद की सदस्या आसमा जैन ने बेतिया राज कार्यालय पहुंचकर वहां चल रहे डिजिटाइजेशन और दस्तावेज संरक्षण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया।

Bettiah Raj Records To Be Digitally Preserved In Bihar
ऐतिहासिक दस्तावेजों को बचाने की कवायद- फोटो : reporter

Bettiah Raj: पश्चिम चंपारण के ऐतिहासिक बेतिया राज की संपत्तियों और दस्तावेजों को अब डिजिटल रूप में संरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार सरकार के राजस्व पर्षद की सदस्या आसमा जैन ने बेतिया राज कार्यालय पहुंचकर वहां चल रहे डिजिटाइजेशन और दस्तावेज संरक्षण कार्य का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने बेतिया राज की परिसंपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहन समीक्षा की। गौरतलब है कि बेतिया राज फिलहाल कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन संचालित है और इसकी संपत्तियों की खोज, पहचान तथा सत्यापन का कार्य लगातार जारी है। सरकार का उद्देश्य इन ऐतिहासिक परिसंपत्तियों का प्रमाणिक और व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है।

अपर सदस्या आसमा जैन ने कार्यालय में चल रही स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए स्कैनिंग रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षों पुराने दस्तावेजों को पूरी सावधानी और सुरक्षा मानकों के तहत डिजिटल माध्यम में सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में उनका उपयोग आसानी से किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड रूम में रखे पुराने ऐतिहासिक दस्तावेजों की स्थिति की भी जांच की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दस्तावेजों की गुणवत्ता और गोपनीयता को बनाए रखते हुए पारदर्शी तरीके से डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा किया जाए।

इस मौके पर पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह और पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने अपर सदस्या को अब तक हुए कार्यों और प्रगति की जानकारी दी।

जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने बताया कि बेतिया राज के दस्तावेजों की स्कैनिंग और डिजिटाइजेशन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में प्रशासनिक और कानूनी जरूरतों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगी।

रिपोर्ट- आशीष कुमार