प्रथम सहयोग शिविर में जनसुनवाई: डीएम तरनजोत सिंह ने सुनीं लोगों की समस्याएं, कई मामलों किया ऑन-स्पॉट निपटारा

प्रथम सहयोग शिविर में जनसुनवाई: डीएम तरनजोत सिंह ने सुनीं लो
डीएम तरनजोत सिंह ने सुनीं लोगों की समस्याएं- फोटो : आशिष

Bettiah : बिहार सरकार के निर्देशानुसार 19 मई को आयोजित होने वाले 'प्रथम सहयोग शिविर' की कड़ी में जिला मुख्यालय पर भव्य जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने शिविर में पहुंचे और एक-एक फरियादी की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाना और आम जनता की शिकायतों का स्थानीय स्तर पर त्वरित निष्पादन करना था। आज की जनसुनवाई के दौरान कुल 95 मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई और उनकी समीक्षा की गई।



भूमि विवाद और राशन कार्ड सहित इन मुद्दों की रही भरमार

शिविर में पहुंचे आवेदनों में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद और राजस्व संबंधी मुद्दों से जुड़े रहे। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लंबित मामले, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की मांग, जर्जर सड़कें, बिजली आपूर्ति में बाधा, पेयजल की किल्लत और राशन कार्ड बनवाने या सुधारने से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से छाई रहीं। डीएम ने सभी आवेदनों को वर्गीकृत कर संबंधित विभागों के रजिस्टरों में दर्ज करने का निर्देश दिया ताकि उनकी ट्रैकिंग की जा सके।



कई मामलों का ऑन-स्पॉट निष्पादन

जनसुनवाई के दौरान जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कई जटिल समस्याओं का मौके पर ही निपटारा कर दिया। जिन मामलों में तत्काल निर्णय संभव था, उनमें डीएम के हस्तक्षेप से फरियादियों को तुरंत राहत मिली। मौके पर मौजूद अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि वे फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। तत्काल समाधान पाकर कई ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष और खुशी देखी गई।



वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में विभागवार हुई समीक्षा

इस महत्वपूर्ण सहयोग शिविर में जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त (DDC) काजले वैभव नितिन, अपर समाहर्ता राजीव रंजन सिन्हा और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। डीएम ने विभागवार अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो मामले आज निष्पादित नहीं हो सके हैं, उन पर अगले एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कर रिपोर्ट कार्यालय को सौंपी जाए।



भविष्य की कार्ययोजना: जवाबदेही और पारदर्शिता पर बल

अंत में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविर का आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रशासनिक तंत्र को और अधिक सक्रिय किया जाएगा ताकि लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। प्रशासन की इस सक्रियता से जिला प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने की उम्मीद है।


आशीष कुमार की रिपोर्ट