जमीन का 'खूनी खेल': गोतिया ने रंजीत यादव को लाठियों से पीटा, फिर सीने में उतार दी गोली
बिहार के भागलपुर जिले से जमीन विवाद में परिवार (गोतिया) के बीच खूनी संघर्ष सामने आया है. इस दौरान नवगछिया के परबत्ता थाना क्षेत्र के गढ़ैया गांव में रहने वाले रंजीत यादव पर उनके ही परिजनों ने लाठी और धारदार हथियार से हमला कर दिया. फिर गोली मार दी
बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया अंतर्गत परबत्ता थाना क्षेत्र के गढ़ैया गांव में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार (गोतिया) के बीच खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि परिजनों ने मिलकर रंजीत यादव नामक युवक पर लाठी और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों की क्रूरता यहीं नहीं रुकी, उन्होंने घायल रंजीत को गोली भी मार दी। इस हमले में बुरी तरह घायल युवक ने पटना ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में मातम और तनाव का माहौल है।
भैंस को चारा देते समय घात लगाकर किया हमला
मृतक की पत्नी के अनुसार, यह पूरी वारदात तब हुई जब रंजीत यादव अपने घर के पास भैंस को चारा दे रहे थे। उसी समय सुरेश यादव, अमित यादव, सचिन कुमार, विनीत यादव, दिलीप यादव और घोलटी यादव हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले रंजीत की बेरहमी से पिटाई की और फिर गोली मारकर मौके से चेहरा ढककर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच पिछले दो सालों से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही थी, जिसका परिणति इस जघन्य हत्याकांड के रूप में हुई।
अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे परिजन, रास्ते में थमी सांसें
गोली लगने और पिटाई के बाद रंजीत को गंभीर हालत में नवगछिया अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल (JLNMCH) रेफर कर दिया। भागलपुर में भी स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच (PMCH) रेफर किया। हालांकि, घाव इतने गहरे थे कि पटना पहुँचने से पहले ही रास्ते में रंजीत की मौत हो गई।
आरोपियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी, गांव में तनाव
घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया के एसडीपीओ ओमप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया कि विवाद जमीन पर दीवार लगाने को लेकर शुरू हुआ था। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस की तैनाती की गई है ताकि तनाव और न बढ़े।