Bihar News : एडमिट कार्ड की त्रुटि और मानसिक तनाव ने ली छात्र की जान, इंटर परीक्षा के पहले दिन भागलपुर में छात्र ने किया सुसाइड
BHAGALPUR : इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले ही दिन भागलपुर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। उर्दू बाजार स्थित सीता सदन लॉज में रहकर पढ़ाई करने वाले बांका जिले के छात्र विशाल कुमार ने सोमवार को फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से बौंसी के भलसुमिया गांव का रहने वाला विशाल विज्ञान संकाय का छात्र था। घटना की सूचना मिलते ही तातारपुर पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे को सील कर दिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कमरे से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
परिजनों के अनुसार, विशाल पिछले कुछ समय से परीक्षा को लेकर गहरे तनाव में था। उसने अपने पिता प्रमोद कुमार यादव को बताया था कि उसके एडमिट कार्ड में नाम गलत छप गया है, जिसके कारण स्कूल प्रबंधन ने उसे मई में सुधार होने के बाद परीक्षा देने की बात कही थी। इसी बात को लेकर वह डिप्रेशन में था। सोमवार सुबह जब उसने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला, तो मकान मालिक ने खिड़की से झांककर देखा, जहाँ वह पंखे से लटका मिला। पिता ने बताया कि विशाल मैट्रिक में 348 अंक लाकर सफल हुआ था और पिछले दो साल से भागलपुर में रहकर मेहनत कर रहा था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में छात्र के निजी जीवन से जुड़े तनाव के संकेत भी मिले हैं। मृतक के दोस्तों के अनुसार, विशाल का अपनी एक सहपाठी छात्रा के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। वह छात्रा भी विज्ञान की छात्रा थी और उसका एडमिट कार्ड आ गया था, जिसके कारण वह परीक्षा देने गई थी। इस बात ने विशाल के भीतर हीन भावना और डिप्रेशन को और बढ़ा दिया था। दोस्तों ने बताया कि दो दिन पहले भी उसे समझा-बुझाकर शांत कराया गया था, लेकिन एडमिट कार्ड की समस्या और आपसी विवाद के बोझ को वह सह नहीं सका।
घटनास्थल पर पहुंचे तातारपुर इंस्पेक्टर रवि शंकर ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। लॉज संचालक, पड़ोसियों और मृतक के साथियों से पूछताछ की गई है। विशाल के साथ रहने वाला उसका दोस्त पिछले 15 दिनों से कमरे पर नहीं था, वह कहीं बाहर गया हुआ था। पुलिस अब उस छात्रा और विशाल के कॉल डिटेल्स की भी जांच कर सकती है जिससे उसका विवाद होने की बात सामने आई है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत की वास्तविक वजहों और समय का सटीक पता लगाया जा सके।
विशाल की मौत के बाद उसके गांव भलसुमिया और लॉज के आसपास के छात्रों में शोक की लहर है। पिता प्रमोद कुमार यादव ने रुंधे गले से बताया कि रविवार को ही उनकी बेटे से बात हुई थी, उसने राशन के लिए पैसे मांगे थे। उन्होंने सोचा था कि सुबह पैसे भेज देंगे, लेकिन सुबह जब कॉल किया तो विशाल ने फोन नहीं उठाया। पिता ने बताया कि उनका भांजा, जो दिल्ली में रहता है, उसका भी एडमिट कार्ड नहीं आया था और विशाल भी परीक्षा न दे पाने की स्थिति में दिल्ली जाने की बात कर रहा था। इस घटना ने एक बार फिर छात्रों पर परीक्षा और त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के कारण पड़ने वाले मानसिक दबाव को उजागर कर दिया है।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट