Bihar Teacher News: शिक्षा विभाग में बड़े खेल का उजागर! नियमों को ताक पर रखकर हो रहा स्थानांतरण, रिपोर्ट तलब, होगी बड़ी कार्रवाई

Bihar Teacher News: शिकायत में कहा गया था कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), पीएम पोषण योजना भागलपुर ने ज्ञापांक 1128, दिनांक 26 नवंबर 2025 के माध्यम से साधन सेवी का स्थानांतरण किया है। जिस पर संबंधित कर्मियों ने आपत्ति जताते हुए जांच की मांग की है

शिक्षा विभाग
शिक्षा विभाग में बड़का खेला! - फोटो : reporter

Bihar Teacher News:  बिहार के भागलपुर से शिक्षा विभाग में नियमों के विपरीत स्थानांतरण का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना वरीय पदाधिकारी के अनुमोदन के ही पीएम पोषण योजना के तहत प्रखंड साधन सेवी का स्थानांतरण कर दिया गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडी) भागलपुर प्रमंडल ने जांच शुरू कर दी है। वहीं शिक्षा विभाग मुख्यालय, पटना से भी रिपोर्ट तलब की गई है।

नियम को ताक पर रखकर स्थानांतरण 

आरडीडी भागलपुर द्वारा ज्ञापांक 965, दिनांक 13 दिसंबर 2025 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) भागलपुर को एक पत्र भेजा गया है। पत्र में बताया गया है कि कुछ प्रखंड साधन सेवी पीएम पोषण योजना द्वारा लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), पीएम पोषण योजना भागलपुर ने ज्ञापांक 1128, दिनांक 26 नवंबर 2025 के माध्यम से साधन सेवी का स्थानांतरण किया है। जिस पर संबंधित कर्मियों ने आपत्ति जताते हुए जांच की मांग की है।

जांच में जुटे अधिकारी 

इस शिकायत के आलोक में आरडीडी ने 11 दिसंबर 2025 को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कार्यालय में स्थानांतरण से संबंधित संचिका की जांच की और संचिका प्रभारी मोहम्मद मुजाहिदी निशार से पूछताछ की। जांच के दौरान जब जिला कार्यक्रम प्रबंधक से पूछा गया कि क्या इस स्थानांतरण के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी से पूर्व अनुमोदन लिया गया था तो उन्होंने ज्ञापांक 1888, दिनांक 26 नवंबर 2013 की नियमावली का हवाला दिया।

डीएम ने दिया था अनुमोदन 

हालांकि, आरडीडी द्वारा जब पूर्व के अभिलेखों की जांच की गई तो यह सामने आया कि वर्ष 2022 में हुए प्रखंड साधन सेवी के स्थानांतरण में जिला शिक्षा पदाधिकारी का विधिवत अनुमोदन लिया गया था। वहीं, आरडीडी ने अपने पत्र में शिक्षा विभाग की अधिसूचना संख्या 939, दिनांक 23 जून 2011 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि विभागों के एकीकरण के बाद साधन सेवी के स्थानांतरण का संपूर्ण अधिकार जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है और स्थानांतरण से पूर्व डीईओ का अनुमोदन अनिवार्य है।

तीन दिनों का अल्टीमेटम 

इसके बावजूद बिना डीईओ की स्वीकृति के स्थानांतरण किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में बिहार सरकार शिक्षा विभाग के मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय के निदेशक विनायक मिश्रा ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने ज्ञापांक 3454, दिनांक 22 दिसंबर 2025 के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी को तीन दिनों के भीतर अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट शिक्षा विभाग मुख्यालय, पटना को भेजने का निर्देश दिया है।

डीईओ के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं 

जब इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी राजकिशोर शर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि साधन सेवी स्थानांतरण की संचिका जिलाधिकारी के पास भेजी गई है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थानांतरण में डीईओ के अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ही सक्षम प्राधिकारी हैं।

उठ रहे कई सवाल

इस पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। पहला, जब विभागीय अधिसूचना में स्पष्ट रूप से डीईओ के अनुमोदन को अनिवार्य बताया गया है तो 2025 के स्थानांतरण में इसका पालन क्यों नहीं किया गया। दूसरा, जब 2022 में स्थानांतरण के लिए डीईओ की स्वीकृति ली गई थी तो इस बार ऐसा क्यों नहीं हुआ। तीसरा, डीईओ स्वयं विभागीय नियमों के विपरीत यह क्यों कह रहे हैं कि उनके अनुमोदन की जरूरत नहीं है। इसके अलावा, स्थानांतरण आदेश जारी होने के बाद फाइल को जिलाधिकारी के पास भेजे जाने की जरूरत क्यों पड़ी, यह भी संदेह के घेरे में है।

जल्दीबाजी में लिया गया फैसला?

सूत्रों का कहना है कि यह स्थानांतरण आदेश जारी करने वाले डीपीओ ने सेवानिवृत्ति के ठीक पहले जल्दबाजी में यह निर्णय लिया। यदि समय रहते डीईओ से अनुमोदन लिया गया होता तो विभागीय नियमों का उल्लंघन नहीं होता। वहीं, एक गुप्त सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संबंधित जिला कार्यक्रम प्रबंधक बीते कई वर्षों से एक ही जिले भागलपुर में पदस्थापित हैं। जबकि हाल ही में लोकसभा और विधानसभा चुनाव हुए हैं और चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार तीन वर्ष से अधिक समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित अधिकारियों-कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाना चाहिए था। फिलहाल आरडीडी स्तर पर जांच जारी है और शिक्षा विभाग मुख्यालय की रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

भागलपुर से बालमुकुंद कुमार कि रिपोर्ट