Bihar Crime: सीएचसी में प्रभारी डॉक्टर के खिलाफ एएनएम ने लगाया गंभीर आरोप, ऑडियो वायरल होने से स्वास्थ्य महकमे में मची खलबली
Bihar Crime: डॉक्टर द्वारा आपत्तिजनक लफ्ज़ों का इस्तेमाल किया गया है, साथ ही एएनएम से अनुचित मांग भी की गई है।...
Bihar Crime:भागलपुर ज़िले के इस्माइलपुर प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे की साख और सिस्टम दोनों पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस्माइलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से जुड़ा एक कथित ऑडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे विभाग में अफरा-तफरी का माहौल है।
वायरल ऑडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राकेश रंजन कुमार और एक एएनएम के बीच बातचीत हो रही है। आरोप है कि इस बातचीत में डॉक्टर द्वारा आपत्तिजनक लफ्ज़ों का इस्तेमाल किया गया है, साथ ही एएनएम से अनुचित मांग भी की गई है। हालांकि, इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन इसके सामने आने से सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले ही एक महिला स्वास्थ्यकर्मी (डाटा ऑपरेटर) ने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत देकर डॉ. राकेश रंजन कुमार पर शारीरिक और मानसिक शोषण के प्रयास का संगीन इल्ज़ाम लगाया था। इस शिकायत के बाद विभाग ने जांच टीम गठित कर सीएचसी में पड़ताल भी शुरू की थी।
अब इस कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। स्थानीय लोगों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। ऑडियो में कथित तौर पर यह भी कहा जा रहा है कि उनका कुछ नहीं बिगड़ेगा, जिससे लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई सिस्टम इतना बेबस है या फिर कहीं न कहीं संरक्षण का खेल चल रहा है?
स्वास्थ्य विभाग फिलहाल पूरे मामले की तहकीकात में जुटा हुआ है और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन अवाम का कहना है कि अगर पहले लगे आरोपों पर ही सख्त कार्रवाई होती, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती।
यह मामला अब सिर्फ एक वायरल ऑडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकारी तंत्र की जवाबदेही, पारदर्शिता और भरोसे पर बड़ा इम्तिहान बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद हुकूमत क्या कदम उठाती है।
रिपोर्ट- बालमुकुंद शर्मा