भागलपुर की मीमांसा का UPSC में जलवा: सहायक आयकर आयुक्त ने हासिल की 447वीं रैंक

भागलपुर की मीमांसा ने 447वीं रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। वर्तमान में पूर्णिया में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर कार्यरत मीमांसा ने अपने चौथे प्रयास में यह गौरवपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की। इससे पूर्व उन्होंने 68वीं BPSC परीक्षा में भी 10वां स्थान प

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Bhagalpur  - : भागलपुर की बेटी मीमांसा ने अपनी मेधा का लोहा मनवाते हुए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 447वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में पूर्णिया में सहायक आयकर आयुक्त के पद पर तैनात मीमांसा ने चौथे प्रयास में यह बड़ी सफलता प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया है।

कठिन परिश्रम और निरंतरता से मिली सफलता

भागलपुर के जीरो माइल स्थित चाणक्य विहार कॉलोनी की रहने वाली मीमांसा ने यूपीएससी की प्रतिष्ठित परीक्षा में 447वीं रैंक प्राप्त कर अपनी सफलता का परचम लहराया है। यह उनका चौथा प्रयास था, जिसमें उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर सफलता अर्जित की। मीमांसा की इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके घर और पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। परिजनों और शुभचिंतकों ने मिठाइयां बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी।

BPSC टॉपर से UPSC तक का सफर

मीमांसा शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं और प्रशासनिक सेवाओं के प्रति उनका झुकाव हमेशा से रहा है। इससे पहले उन्होंने 68वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश भर में 10वां स्थान प्राप्त किया था। वर्तमान में वह पूर्णिया जिले में सहायक आयकर आयुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। नौकरी की व्यस्तता और जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने अपने बड़े लक्ष्य को ओझल नहीं होने दिया और निरंतर तैयारी जारी रखी।

सफलता का मंत्र: अनुशासन और स्वाध्याय

अपनी इस शानदार कामयाबी का श्रेय मीमांसा ने कड़ी मेहनत और 'सेल्फ स्टडी' (स्वाध्याय) को दिया है। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास किया जाए, तो सफलता अवश्य कदम चूमती है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि दृढ़ संकल्प और अनुशासन ही किसी भी बड़ी परीक्षा को पास करने की असली कुंजी है।

जिले के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

मीमांसा की इस उपलब्धि ने भागलपुर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच नई ऊर्जा भर दी है। एक कामकाजी पेशेवर होने के साथ-साथ देश की सबसे कठिन परीक्षा में चयनित होना उनकी कार्यक्षमता और समर्पण को दर्शाता है। उनकी सफलता यह सिद्ध करती है कि मेहनत के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

Report - anjanee kumar kashyap