रेलवे से खत्म हुआ 'जमीन का झगड़ा': सुल्तानगंज में अब बनेगा बिहार का सबसे भव्य शिव कॉरिडोर! भक्तों की मुराद होगी पूरी

भागलपुर के सुल्तानगंज में बनने वाले बिहार के पहले शिव कॉरिडोर को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक गतिरोध समाप्त हो गया है। उज्जैन और काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनने वाले इस कॉरिडोर के लिए जमीन के हस्तांतरण का रास्ता अब साफ हो गया है।

रेलवे से खत्म हुआ 'जमीन का झगड़ा': सुल्तानगंज में अब बनेगा ब

Bhagalpur -   सुल्तानगंज में शिव कॉरिडोर के निर्माण में लंबे समय से चली आ रही भूमि संबंधी बाधा दूर हो गई है। रेलवे और जिला प्रशासन के बीच जमीन की अदला-बदली को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। इस समझौते के तहत जिला प्रशासन ने रेलवे को जगदीशपुर, बरारी और सुल्तानगंज क्षेत्र में तीन अलग-अलग स्थानों पर कुल 17 एकड़ 47.6 डिसमिल भूमि देने का निर्णय लिया है। 

राजस्व विभाग की मंजूरी का इंतजार

प्रशासनिक स्तर पर भूमि के 'फ्री ट्रांसफर' से संबंधित प्रस्ताव तैयार कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेज दिया गया है। विभाग से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त होते ही कॉरिडोर निर्माण की टेंडर प्रक्रिया और अन्य तकनीकी कार्यवाही तेज कर दी जाएगी। इस हरी झंडी के साथ ही परियोजना धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। 

गंगा की धारा मोड़ने की भी तैयारी

शिव कॉरिडोर के साथ-साथ एक और महत्वपूर्ण योजना पर काम चल रहा है। जल संसाधन विभाग के माध्यम से गंगा नदी की धारा को पुरानी सीढ़ी घाट की ओर मोड़ने की तैयारी है। इससे श्रद्धालुओं को सीधे घाट पर गंगा जल उपलब्ध हो सकेगा, जो सुल्तानगंज की धार्मिक महत्ता और कांवड़ यात्रा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई उड़ान

शिव कॉरिडोर बनने के बाद सुल्तानगंज का धार्मिक और आध्यात्मिक स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। इस भव्य कॉरिडोर के निर्माण से न केवल देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं और सुरक्षा मिलेगी, बल्कि सुव्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी। साथ ही, पर्यटन बढ़ने से स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे भागलपुर जिले की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।