Chirag attack on Congress: भागलपुर में चिराग पासवान का कांग्रेस और विपक्ष पर हमला, SIR और EVM को लेकर कही बड़ी बात

Chirag attack on Congress: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भागलपुर में कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने SIR, EVM, बांग्लादेश से भारत की तुलना और संसद के मानसून सत्र को लेकर अपनी बात रखी।

Chirag attack on Congress

Chirag attack on Congress: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भागलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा के प्रतिष्ठान हरिओम लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए।


मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई बार यह भूल जाता है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां 140 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं। ऐसे देश में अराजकता का माहौल पैदा करने की कोशिश किसी भी कीमत पर उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेता केवल अपना चेहरा चमकाने और राजनीतिक पहचान बनाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा देते हैं।


बांग्लादेश की परिस्थितियों से भारत की तुलना किए जाने पर भी चिराग पासवान ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। यूरोप, नेपाल और पाकिस्तान जैसे देशों का उदाहरण देकर भारत में अराजकता फैलाने की कोशिश करना देशहित में नहीं है।


संसद के मानसून सत्र को लेकर उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि जब सदन चलता है तो विपक्ष कार्यवाही बाधित करता है, जबकि सदन के बाहर मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मॉक पार्लियामेंट आयोजित करता है। उन्होंने कहा कि पूरा मानसून सत्र समाप्त हो गया, लेकिन जनहित के मुद्दों पर सदन में सार्थक चर्चा नहीं हो सकी।


एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर चिराग पासवान ने कहा कि विपक्ष इस विषय को उठाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। वहीं, ईवीएम को लेकर कांग्रेस के सवालों पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में एमएलसी का चुनाव बैलेट पेपर से हुआ था, वहां ईवीएम का इस्तेमाल नहीं हुआ, इसके बावजूद कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।


चिराग पासवान ने कहा कि अब देश की जनता राजनीतिक गतिविधियों और नेताओं के बयानों को अच्छी तरह समझ रही है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है और समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए राजनीतिक दलों को उनके कामकाज का जवाब देती है।


भागलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान के तीखे राजनीतिक बयानों से एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी बयानबाजी चर्चा में आ गई।

भागलपुर से बालमुकुंद की रिपोर्ट