भागलपुर के रंगरा में डिग्री कॉलेज के ट्रांसफर पर गहराया विवाद, आमरण अनशन पर बैठे छात्र और ग्रामीण

बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए शुरू की गई योजना रंगरा चौक प्रखंड में विवादों के घेरे में आ गई है। शिक्षा विभाग के संशोधित फैसले के खिलाफ छात्र, युवा और ग्रामीण एकजुट हो गए हैं...

भागलपुर के रंगरा में डिग्री कॉलेज के ट्रांसफर पर गहराया विवा
भागलपुर के रंगरा में डिग्री कॉलेज के ट्रांसफर पर गहराया विवाद- फोटो : अंजनी कुमार

Bhagalpur : बिहार सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए शुरू की गई योजना रंगरा चौक प्रखंड में विवादों के घेरे में आ गई है। नवगछिया अनुमंडल के रंगरा प्रखंड मुख्यालय के बजाय डिग्री कॉलेज का संचालन तिनटंगा दियारा में करने के शिक्षा विभाग के संशोधित फैसले के खिलाफ छात्र, युवा और ग्रामीण एकजुट हो गए हैं। अपनी मांगों को लेकर आंदोलनकारियों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का साफ आरोप है कि विभाग के इस मनमाने फैसले से ग्रामीण इलाके के हजारों छात्र-छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।


क्या था प्रारंभिक आदेश 

जानकारी के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या-633 (दिनांक 30 अप्रैल 2026) के तहत राज्य के 208 प्रखंडों में डिग्री कॉलेजों की स्थापना और संचालन की मंजूरी दी गई थी। शुरुआती सरकारी आदेशों के मुताबिक, रंगरा चौक प्रखंड के लिए 'तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय, रंगरा' परिसर को चयनित किया गया था। यहाँ तक कि प्रभारी प्राचार्य की प्रतिनियुक्ति कर शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी भी कर ली गई थी। लेकिन बाद में विभाग ने एक संशोधित अधिसूचना जारी कर अस्थायी संचालन स्थल को बदलकर 'संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय, तिनटंगा दियारा' कर दिया, जिससे असंतोष फैल गया।


मुख्यालय की जगह सुदूर दियारा क्षेत्र को चुनने पर सवाल

आमरण अनशन पर बैठे छात्रों और ग्रामीणों का तर्क है कि प्रारंभिक तौर पर चयनित तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय में पर्याप्त पक्के भवन, कक्षाएं और अन्य सभी आवश्यक संसाधन पहले से ही उपलब्ध हैं। ऐसे में वहां कॉलेज चलाना हर लिहाज से व्यावहारिक था। वहीं दूसरी तरफ, नया चयनित स्थल संत विनोवा उच्च माध्यमिक विद्यालय पहले से ही एक मॉडल स्कूल के रूप में अधिसूचित है। आंदोलनकारियों का कहना है कि एक ही परिसर पर अत्यधिक बोझ डालना और अन्य स्थापित विद्यालयों की उपेक्षा करना प्रशासनिक और तार्किक रूप से बिल्कुल गलत है।


14 किलोमीटर दूर दियारा क्षेत्र में आवागमन की बड़ी चुनौती

आंदोलनकारियों ने कॉलेज ट्रांसफर मामले में सबसे बड़ा मुद्दा आवागमन और छात्रों की सुरक्षा को बनाया है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रखंड मुख्यालय से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर है, जो सड़क, रेल और बस जैसी परिवहन सुविधाओं से सीधे जुड़ा है। इसके विपरीत, नया केंद्र तिनटंगा दियारा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 12 से 14 किलोमीटर दूर अत्यंत सुदूर इलाके में स्थित है, जहां कुछ पंचायतों से दूरी 17 किलोमीटर तक हो जाती है। गंगा नदी के कटाव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण वर्षा ऋतु में इस रास्ते पर आवागमन पूरी तरह ठप होने की आशंका है।


फैसले पर पुनर्विचार की मांग, विभाग साधे है चुप्पी

फिलहाल छात्र और स्थानीय ग्रामीण शिक्षा विभाग से अपने संशोधित आदेश को तुरंत वापस लेने और डिग्री कॉलेज का संचालन पूर्व निर्धारित स्थल (रंगरा मुख्यालय) से ही शुरू करने की जिद पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आमरण अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। इस पूरे मामले और सुलगते आंदोलन पर शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई भी आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण गतिरोध बना हुआ है।

अंजनी की रिपोर्ट