अंग्रेजों के जमाने के पते को बदलने पर भारी बवाल: भड़के ग्रामीणों ने 'खास महल कचहरी' में जड़ा ताला, प्रशासनिक व्यवस्था ठप

अंग्रेजों के जमाने के पते को बदलने पर भारी बवाल: भड़के ग्राम
अंग्रेजों के जमाने के पते को बदलने पर भारी बवाल- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : जिले नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र की 'तीनटंगा करारी पंचायत' में वर्षों पुराने और ऐतिहासिक प्रशासनिक पते को बदलने के विरोध में स्थानीय जनता का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। नाराज ग्रामीणों ने शनिवार को तीनटंगा करारी स्थित 'खास महल कचहरी' के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना जनभावनाओं का ख्याल रखे, ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर कर इस क्षेत्र का पता 'रंगरा चौक' दर्ज कर दिया गया है, जिसे जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।


कर्मचारी की सहूलियत के लिए बदली ऐतिहासिक पहचान, जनता भुगत रही खामियाजा

आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि अंग्रेजों के शासनकाल से ही तीनटंगा करारी में इस खास महल कचहरी का सफल संचालन होता आ रहा है। लेकिन, वर्तमान में गोपालपुर और रंगरा अंचल में एक ही राजस्व कर्मचारी (हल्का कर्मचारी) के कार्यरत होने के कारण, प्रशासन ने अपनी आंतरिक सहूलियत के लिए तीनटंगा करारी खास महल का पता ऑनलाइन सिस्टम में बदल दिया। इस मनमाने फैसले के कारण स्थानीय लोगों को जाति, आवासीय, आय प्रमाण पत्र और जमीन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।


मंत्री से लेकर अफसरों तक नहीं हुई सुनवाई, थक-हारकर तालाबंदी को मजबूर हुए लोग

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक उदासीनता पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर वे लोग कई बार क्षेत्रीय मंत्रियों, आला अधिकारियों और संबंधित राजस्व विभागों को लिखित आवेदन दे चुके हैं। इसके पहले भी कई चरणों में शांतिपूर्ण आंदोलन किया गया, लेकिन कुंभकर्णी नींद में सोए प्रशासन ने अब तक इसका कोई स्थाई समाधान नहीं निकाला। प्रशासनिक तंत्र के इसी अड़ियल रवैये से क्षुब्ध होकर आखिरकार ग्रामीणों को कचहरी में तालाबंदी जैसा सख्त कदम उठाना पड़ा।


मूल पता बहाल न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी, क्षेत्र की अस्मिता की लड़ाई

तालाबंदी कर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तीनटंगा करारी खास महल का मूल, पारंपरिक और ऐतिहासिक पता डिजिटल रिकॉर्ड में वापस बहाल नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल तालाबंदी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे अनुमंडल स्तर पर उग्र रूप दिया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यह केवल एक डाकिया पते या नाम का मामला नहीं है, बल्कि यह इस पूरे क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान, अस्मिता और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील मुद्दा है।


जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने संभाला मोर्चा, एकजुट हुए ग्रामीण

इस बड़े विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी के दौरान क्षेत्र के तमाम वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में जनता की मांग का समर्थन किया। मौके पर मुख्य रूप से पंचायत समिति सदस्य मनोज कुमार रविदास, वर्तमान मुखिया नगीना पासवान, पूर्व मुखिया गिरधारी पासवान, पूर्व सरपंच शंभू प्रसाद यादव, समाजसेवी अशोक कुमार, जदयू के वरिष्ठ नेता चिरंजीवी राय, जितेन्द्र कुमार मंडल, वर्तमान सरपंच घनश्याम पासवान समेत सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में जिला प्रशासन से अविलंब पुराने पते को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट करने की मांग की है।


बालमुकुंद की रिपोर्ट