Bihar News : भागलपुर में 12 साल पुराने जमीन विवाद में फैसला, पिता-पुत्र को 5-5 साल की हुई जेल, एडीजे-13 कोर्ट ने सुनाई सजा
Bihar News : भागलपुर व्यवहार न्यायालय के एडीजे-13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने अभियुक्त कैलाश सिंह और उसके पुत्र बलराम सिंह को दोषी करार देकर 5-5 वर्ष की सजा सुनाई है....जानिए क्या है पूरा मामला
BHAGALPUR : छह बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर करीब 12 वर्षों से चले आ रहे पारिवारिक विवाद ने आखिरकार पिता-पुत्र को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। शाहकुंड थाना कांड संख्या 180/21 में अदालती कार्यवाही पूरी करते हुए भागलपुर व्यवहार न्यायालय के एडीजे-13 प्रशांत कुमार झा की अदालत ने अभियुक्त कैलाश सिंह और उसके पुत्र बलराम सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 326 के तहत पांच-पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को दो-दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सरकार की ओर से मामले में एपीपी जय प्रकाश यादव व्यास ने बहस में हिस्सा लिया।
तलवार चाकू से हमला
उन्होंने बताया कि मामला करीब पांच वर्ष पुरानी 26 जून की घटना से जुड़ा है। उस दिन दोपहर करीब सवा एक बजे वादी सदानन्द सिंह जनवितरण प्रणाली की दुकान से चावल और गेहूं लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कौशल कुमार के घर के समीप नीम के पेड़ के पास कैलाश सिंह और उसका पुत्र बलराम सिंह तलवार और चाकू लेकर उनके सामने पहुंचे और हमला कर दिया। हमले में सदानन्द सिंह गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर पड़े। इसी बीच उनके भतीजे छोटू सिंह ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपितों ने उसके साथ भी मारपीट की। घायल सदानन्द को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें मायागंज अस्पताल भेजा गया।
सात गवाहों ने किया घटना का समर्थन
मामले की सुनवाई के दौरान वादी सदानन्द सिंह समेत कुल सात गवाहों ने घटना के समर्थन में न्यायालय के समक्ष अपनी गवाही दी। साक्ष्यों और अदालती कार्यवाही के बाद 19 जून 2026 को अदालत ने दोनों अभियुक्तों को धारा 326, 341, 323 और 506 के तहत दोषी करार दिया था। गुरुवार, 24 सितंबर को अदालत में सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसके बाद दोनों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई गई। धारा 326 में पांच वर्ष का कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में तीन वर्ष, धारा 323 में एक वर्ष तथा धारा 341 में एक माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने सभी सजाओं को साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है। साथ ही अभियुक्तों द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का भी निर्णय सुनाया गया।
छह बीघा जमीन बनी खूनी संघर्ष की वजह
व्यास ने बताया कि वादी और दोनों अभियुक्त आपस में सगे भाई हैं। दोनों पक्षों के बीच छह बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर पिछले करीब 12 वर्षों से विवाद चला आ रहा है। जमीन से संबंधित टाइटल का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन है। जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले भी कई बार मारपीट हो चुकी थी। पांच वर्ष पूर्व यही पुराना विवाद उस समय खूनी संघर्ष में बदल गया, जब रास्ते में लौट रहे सदानन्द सिंह पर तलवार और चाकू से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने दोनों दोषियों को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है। अदालत का यह फैसला इस मामले में चली लंबी न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम है, जिसमें गवाहों की गवाही, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी बहस के आधार पर दोषसिद्धि के बाद सजा निर्धारित की गई।
बालमुकुन्द की रिपोर्ट