Bihar News: भ्रष्टाचार के मामले में नप गए एक और अधिकारी, कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा, जुर्माना भी...

Bihar News: बिहार के भ्रष्ट अधिकारियों पर एक के बाद एक कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में एक भ्रष्ट अधिकारी को कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। साथ ही जुर्माना भी लगाया है...

दो साल की सजा
भ्रष्ट अधिकारी को 2 साल की सजा - फोटो : social media

Bihar News: भागलपुर की निगरानी अदालत ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए उद्योग विस्तार पदाधिकारी नवीन कुमार सिंह को दोषी ठहराया है। मामला वर्ष 2014 का है। जिसमें उनके खिलाफ रिश्वत लेने के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 04/2014 दर्ज किया गया था। 

10 हजार की मांगी थी रिश्वत 

अदालत के अनुसार, उद्योग विस्तार पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहते हुए नवीन कुमार सिंह ने खगड़िया जिला उद्योग केन्द्र में लेथ वर्क की दुकान के निबंधन के लिए शिकायतकर्ता प्रवीण कुमार से 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। 17 जनवरी 2014 को निगरानी टीम ने उन्हें 4,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा 

इस मामले की जांच तत्कालीन पुलिस निरीक्षक दीनानाथ चौधरी ने समय पर पूरी कर आरोप-पत्र दाखिल किया। वहीं, बिहार सरकार की ओर से जिला अभियोजन पदाधिकारी-सह-विशेष लोक अभियोजक (निगरानी) राम बदन कुमार चौधरी ने प्रभावी पैरवी की। न्यायाधीश दीपक कुमार-1 ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और धारा 13(2) सहपठित 13(1)(डी) के तहत दो-दो वर्ष सश्रम कारावास और प्रत्येक धारा में 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास 

जुर्माना नहीं देने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2025 में अब तक कुल 26 मामलों में भ्रष्टाचार के आरोपियों को सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 18 थी। ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।