खरीक में श्री श्री 1008 महा सूर्य नारायण यज्ञ का भव्य आगाज: डीएसपी मनोज सुमन ने किया उद्घाटन, संतों के स्वागत में बिछी पलकें
भागलपुर जिले के खरीक स्थित चैत्रावली दुर्गा स्थान पर आयोजित '32वें श्री श्री 1008 महा सूर्य नारायण यज्ञ' का बुधवार को भव्य शुभारंभ हुआ। नवगछिया मुख्यालय डीएसपी (DSP) मनोज सुमन ने फीता काटकर नौ दिवसीय महायज्ञ का विधिवत उद्घाटन किया
Bhagalpur - भागलपुर जिले के खरीक स्थित चैत्रावली दुर्गा स्थान पर आयोजित '32वां श्री श्री 1008 महा सूर्य नारायण यज्ञ' का भव्य शुभारंभ बुधवार को हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान का विधिवत उद्घाटन नवगछिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) मनोज सुमन ने फीता काटकर किया। उद्घाटन के पश्चात डीएसपी ने वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावाचक पूज्य अशोक भारद्वाज जी महाराज को अंगवस्त्र भेंट कर खरीक की पावन धरती पर उनका हार्दिक स्वागत व अभिनंदन किया।
इस नौ दिवसीय यज्ञ का आयोजन 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 26 फरवरी 2026 तक चलेगा। कार्यक्रम की शुरुआत बीते मंगलवार, 17 फरवरी को भव्य कलश शोभा यात्रा के साथ हुई थी। इस महायज्ञ में मध्य प्रदेश की पूज्य जया मिश्रा जी और वृंदावन के अशोक भारद्वाज जी महाराज के मुखारविंद से प्रतिदिन संगीतमय प्रवचन एवं झांकी का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही, प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से रामायण का मंचन पर्दे पर किया जाएगा, जो स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

यज्ञ के प्रथम दिन ही खरीक और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। मेला कमेटी के सदस्यों ने बताया कि प्रभु की असीम अनुकंपा से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। डीएसपी मनोज सुमन ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में शांति और सद्भाव का संदेश देते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई भी दी।
इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में मेला कमेटी के जयंत चौधरी, शंभू झा, निरंजन साह, परशुराम कुमार, राजेश झा, प्रदीप जैन, रामानंद चौधरी और मोनू लाठ जैसे प्रमुख सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। स्थानीय भक्त जनों और पूर्व थाना अध्यक्ष शिव शंभु तिवारी के सहयोग से इस आयोजन को भव्य रूप दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।