Vikramshila Kataria Rail Bridge: कोसी-सीमांचल को मिली विकास की नई पटरी, विक्रमशिला-कटरिया रेल पुल से 2 करोड़ आबादी को मिलेगा सीधा फायदा, 10 हजार युवाओं के लिए रोजगार का दरवाजा खुला

Vikramshila Kataria Rail Bridge: भागलपुर में गंगा नदी पर बनने वालेविक्रमशिला-कटरिया रेल पुल परियोजना का रास्ता लगभग साफ हो चुका है।...

Vikramshila Kataria Rail Bridge
कोसी-सीमांचल को मिली विकास की नई पटरी- फोटो : social Media

Vikramshila Kataria Rail Bridge:  बिहार की सियासत में लंबे समय से चर्चा का विषय रही विक्रमशिला-कटरिया रेल पुल परियोजना अब हकीकत की जमीन पर उतरने की ओर बढ़ रही है। भागलपुर में गंगा नदी पर बनने वाले इस बहुप्रतीक्षित रेल पुल का रास्ता लगभग साफ हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और निर्माण की जिम्मेदारी इरकॉन को सौंप दी गई है। अब केवल भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और विक्रमशिला डॉल्फिन सेंचुरी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने का इंतजार है। रेलवे को उम्मीद है कि अगले तीन महीनों में सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

करीब 2549 करोड़ रुपये की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना केवल एक रेल पुल नहीं, बल्कि कोसी, सीमांचल और अंग क्षेत्र की तकदीर बदलने वाली विकास की नई इबारत मानी जा रही है। इस योजना के तहत गंगा नदी पर 2.44 किलोमीटर लंबा मुख्य रेल पुल बनाया जाएगा, जबकि इसके साथ 26 किलोमीटर नई रेल लाइन भी बिछाई जाएगी। परियोजना के लिए लगभग 180 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

रेलवे की इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका वाई (Y) आकार का डिजाइन है। यह पुल उत्तर दिशा में कटरिया और नवगछिया स्टेशनों को जोड़ेगा, जबकि दक्षिण दिशा में विक्रमशिला और शिवनारायणपुर स्टेशनों को सीधे रेल नेटवर्क से कनेक्ट करेगा। इससे भागलपुर-साहिबगंज रेलखंड और कटिहार-बरौनी रेलखंड के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। वर्षों से भौगोलिक दूरी और गंगा नदी की बाधा झेल रहे कोसी और सीमांचल क्षेत्र को अब अंग क्षेत्र से सीधा रेल संपर्क मिलने जा रहा है।

राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भी इस परियोजना को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कोसी और सीमांचल की करीब दो करोड़ आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा। भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया, सहरसा और आसपास के जिलों के लोगों की यात्रा न केवल आसान होगी, बल्कि समय और दूरी दोनों में बड़ी कमी आएगी। व्यापार, उद्योग और परिवहन को नई रफ्तार मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।रोजगार के मोर्चे पर भी यह परियोजना बड़ी राहत लेकर आएगी। निर्माण कार्य के दौरान लगभग 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, मशीन ऑपरेटर, श्रमिक और स्थानीय सेवा प्रदाताओं को इसका लाभ मिलेगा। वहीं भविष्य में कोसी और सीमांचल के किसानों के लिए भी यह परियोजना वरदान साबित हो सकती है। कृषि उत्पाद, फल, सब्जियां और दुग्ध उत्पाद कम समय में बड़े बाजारों तक पहुंच सकेंगे, जिससे किसानों की आमदनी में इजाफा होगा।

बहरहाल  विक्रमशिला-कटरिया रेल पुल परियोजना सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि क्षेत्रीय असमानता को कम करने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और विकास की नई पटरी पर कोसी-सीमांचल को आगे बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित हो सकती है। यही वजह है कि इसे बिहार के सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।