Bihar Crime : भागलपुर में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया उद्भेदन, 20 अर्धनिर्मित पिस्टल के साथ 5 तस्करों को किया गिरफ्तार

Bihar Crime : भागलपुर में एसटीएफ और पुलिस ने मिलकर मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है. इस मामले में पुलिस ने 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है......पढ़िए आगे

Bihar Crime : भागलपुर में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया
मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन - फोटो : BALMUKUND

BHAGALPUR : जिले के मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रहमत बाग में पुलिस और एसटीएफ (STF) की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में बंगाल एसटीएफ, बिहार एसटीएफ और भागलपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने हिस्सा लिया। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक रिहायशी इलाके में हैंडलूम (करघा) चलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है।

छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब उसने देखा कि कपड़े के काम की आड़ में घातक हथियारों की फैक्ट्री चल रही थी। पुलिस ने मौके से 20 अर्धनिर्मित पिस्टल, लेथ मशीन, ड्रिल मशीन और भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, यहाँ अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पिस्टल तैयार की जा रही थी, जिसे देखकर स्पष्ट है कि यहाँ पेशेवर तरीके से काम हो रहा था।

इस मामले में पुलिस ने मौके से कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मुंगेर निवासी मोहम्मद शाहनवाज, मोहम्मद सद्दाव, मोहम्मद शमशेर आलम और मोहम्मद असलम शामिल हैं, जबकि एक आरोपी मोहम्मद मुनाजिर नाथनगर का रहने वाला बताया जा रहा है। मुंगेर के कारीगरों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि इस अवैध धंधे के तार अंतरराज्यीय गिरोहों से जुड़े हो सकते हैं।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यहाँ तैयार किए जा रहे हथियारों की आपूर्ति एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न इलाकों और आपराधिक गिरोहों को की जा रही थी। पुलिस का मानना है कि यह फैक्ट्री काफी समय से संचालित थी और यहाँ से भारी संख्या में हथियारों की खेप बाहर भेजी जा चुकी है। आरोपियों से फिलहाल सघन पूछताछ की जा रही है ताकि इस सप्लाई चेन के मुख्य सरगना का पता लगाया जा सके।

भागलपुर पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई को अवैध हथियार कारोबार पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस खुलासे के बाद जिले में अपराध नियंत्रण में काफी मदद मिलेगी। फरार चल रहे अन्य सहयोगियों की तलाश में पुलिस की छापेमारी जारी है और जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

बालमुकुन्द की रिपोर्ट