भागलपुर में सबडर्मल इम्प्लांट प्रशिक्षण का सफल समापन, बांका और किशनगंज में भी शुरू होंगी आधुनिक परिवार नियोजन सेवाएं

भागलपुर में सबडर्मल इम्प्लांट प्रशिक्षण का सफल समापन, बांका
भागलपुर में सबडर्मल इम्प्लांट प्रशिक्षण का सफल समापन- फोटो : बाल मुकुंद कुमार

Bhagalpur : महिलाओं को आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी परिवार नियोजन के विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 30 और 31 अक्टूबर 2026 को आयोजित दो दिवसीय सबडर्मल कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से भागलपुर के साथ-साथ बांका और किशनगंज जिलों में भी सबडर्मल इम्प्लांट सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त हो गया है।


9 चिकित्सकों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बांका जिले से 2, किशनगंज से 2, सदर अस्पताल भागलपुर से 2 और JLNMCH से 3 चिकित्सकों सहित कुल 9 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।

राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. सुधा (सह-प्राध्यापक) और डॉ. अनुपमा सिंह (सह-प्राध्यापक) ने चिकित्सकों को सबडर्मल इम्प्लांट लगाने की तकनीक का व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण दिया। इस दौरान डॉक्टरों को इम्प्लांट प्रक्रिया, इसके सुरक्षित उपयोग और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। JLNMCH के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ. अनुपमा सिन्हा ने परिवार नियोजन में इस आधुनिक तकनीक की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को उनकी आवश्यकतानुसार विकल्प देने के महत्व पर जोर दिया।


18 महिलाओं को दी गईं सेवाएं

प्रशिक्षण सत्र के दौरान कुल 18 महिलाओं को सबडर्मल इम्प्लांट लगाने की सेवाएं प्रदान की गईं। इससे एक ओर जहां प्रशिक्षण ले रहे चिकित्सकों को प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण परिवार नियोजन सेवा का लाभ मिला।


तीन वर्षों तक प्रभावी और सुरक्षित गर्भनिरोधक विकल्प

सबडर्मल इम्प्लांट परिवार नियोजन की एक सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक अस्थायी विधि है, जो महिलाओं को तीन वर्षों तक गर्भधारण से सुरक्षा प्रदान करती है। चिकित्सकीय परामर्श के बाद महिलाएं इसे कभी भी हटवा सकती हैं, जिसके बाद प्रजनन क्षमता सामान्य रूप से शीघ्र वापस लौट आती है। यह विधि उन महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी है जो लंबे अंतराल तक गर्भधारण से बचना चाहती हैं।


इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में JLNMCH की अस्पताल प्रबंधक आभा कुमारी तथा PSI India के बिपिन कुमार, आयाज आलम अशरफी और नवीन राय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल से भागलपुर, बांका और किशनगंज की महिलाओं को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा।


बालमुकुंद की रिपोर्ट