Bihar News: CM दौरे में चूक पड़ी भारी, बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी निलंबित, हेलीकॉप्टर लैंडिंग विवाद पर सरकार का बड़ा एक्शन

Bihar News: बक्सर में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई प्रशासनिक चूक ने आखिरकार एक बड़े अफसर की कुर्सी ले ली। ...

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कार्यपालक पदाधिकारी निलंबित- फोटो : reporter

Bihar News:  बक्सर में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान हुई प्रशासनिक चूक ने आखिरकार एक बड़े अफसर की कुर्सी ले ली। राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा और वीवीआईपी प्रोटोकॉल से जुड़े इस संवेदनशील मामले में सरकार की कार्रवाई ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।

दरअसल, 23 मई 2026 को मुख्यमंत्री के प्रस्तावित बक्सर दौरे के दौरान किला मैदान में हेलीकॉप्टर की लैंडिंग नहीं हो सकी थी। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने प्रशासनिक तैयारियों, समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। मामला मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण सरकार ने इसे बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए गए।जिला प्रशासन ने अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम गठित की थी। टीम ने पूरे मामले की तहकीकात कर अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंपी। रिपोर्ट में कई प्रशासनिक कमियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए। जिला प्रशासन की अनुशंसा पर जांच रिपोर्ट नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजी गई, जहां विभागीय स्तर पर इसकी विस्तृत समीक्षा की गई।

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुमार ऋत्विक पर पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, वरीय अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना तथा मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कृत्य का आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया। विभाग ने माना कि उनका आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली की भावना के अनुरूप नहीं था। इसी आधार पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत उन्हें अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया।

निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नगर निगम मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त कार्यालय में निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही विभाग ने संकेत दिया है कि जल्द ही आरोप-पत्र जारी कर नियमित विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा माना जा रहा है। साफ संदेश है कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा, सरकारी कार्यक्रमों और वीवीआईपी व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले के अधिकारियों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर नई गंभीरता देखने को मिल रही है।फिलहाल बक्सर नगर परिषद में नए कार्यपालक पदाधिकारी की तैनाती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी व्यवस्था की कार्यशैली पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

रिपोर्ट- संदीप वर्मा