देश के सभी 19 निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) कैंपस, जिनमें पटना भी शामिल है, में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ब्लॉकचेन तकनीक को 2025 तक पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का फैसला किया गया है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने घोषणा की है कि कपड़ा मंत्रालय ने इस आधुनिक बदलाव को पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो डिजाइनिंग और पैटर्न की गुणवत्ता को नए आयाम देगा।
छात्रों को स्टार्टअप और यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में अवसर
निफ्ट के छात्रों को फैशन उद्योग में स्टार्टअप्स पर ध्यान देने और देश के यूनिकॉर्न इकोसिस्टम में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। गिरिराज सिंह ने यह बात निफ्ट दिल्ली, कांगड़ा, रायबरेली और पंचकूला कैंपस के दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने छात्रों को तकनीकी निपुणता के साथ-साथ उद्यमिता में भी कौशल विकसित करने का आग्रह किया।
निफ्ट स्टूडेंट्स करेंगे टेक्सटाइल उद्योग के विकास पर काम
कपड़ा उद्योग को 167 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, और इसके लिए निफ्ट के छात्रों से सुझाव मांगे गए हैं। निफ्ट पटना के छात्र अपने सुझावों को निदेशक कर्नल राहुल शर्मा को दे सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण कलाकारों को बढ़ावा देना और उनके कला एवं शिल्प को मुख्यधारा में लाना है।
फाइबर टू फैब्रिक मशीन से मिलेगा नया अनुभव
निफ्ट पटना में जल्द ही ‘फाइबर टू फैब्रिक’ प्रोटोटाइप मशीन लगाने की तैयारी की जा रही है, जो छात्रों को कपड़े की रंगाई, पैटर्न डिजाइन, बनावट सुधार जैसे कार्यों में प्रशिक्षण देगी। यह मशीन कच्चे रेशों को तैयार कपड़े में बदलने की पूरी प्रक्रिया को आसान बना देगी, जिसमें कच्चे रेशों का चयन, सूत में परिवर्तन और बुनाई का कार्य शामिल है। यह पहल निफ्ट के छात्रों को फैशन में अत्याधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें उद्योग के नवीनतम रुझानों से अवगत कराने का एक बड़ा कदम है।