Bihar News : सोनपुर के 'राजा साहब' बाबू लगन देव सिंह की मनाई गयी जयंती, आजीवन रहे किंग मेकर, भूमिहीनों को बसाकर कहलाए गरीबों के मसीहा

Bihar News : सोनपुर के 'राजा साहब' बाबू लगन देव सिंह की मनाई

SONPUR : 'राजा साहब' के नाम से विख्यात, प्रख्यात समाजवादी चिंतक बाबू लगन देव सिंह की जयंती प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। सोनपुर और आसपास के पूरे इलाके में 'राजा साहब' के नाम से लोकप्रिय रहे स्वर्गीय लगन देव बाबू की कीर्ति आज भी लोगों के दिलों में रची-बसी है। जयंती समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों की भारी उपस्थिति रही, जिन्होंने उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

बाबू लगन देव सिंह ने सोनपुर के सामाजिक और ढांचागत विकास में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। इलाके में उनकी दानवीरता की कई कहानियां आज भी बुजुर्गों की जुबान पर हैं। उनके बारे में प्रसिद्ध है कि उनके दरवाजे से कभी कोई याचक खाली हाथ वापस नहीं लौटा; जिसने जो मांगा, उन्होंने सहर्ष दान कर दिया। उन्होंने पूरे इलाके में दर्जनों गांव बसाए और सैकड़ों भूमिहीनों व गरीबों को रहने के लिए अपनी निजी जमीन दान में दे दी। इसके अलावा, विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले के उत्थान से लेकर सोनपुर में महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों के निर्माण और स्थापना में उनकी केंद्रीय भूमिका रही।

राजनीतिक गलियारों में लगन देव बाबू की पहचान एक कद्दावर 'किंग मेकर' के रूप में थी। अद्भुत राजनीतिक समझ होने के बावजूद उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी राजनीतिक पद या सत्ता की लालसा नहीं रखी। उन्होंने निस्वार्थ भाव से कई चेहरों को राजनीति के शीर्ष पायदान पर पहुंचाया और उन्हें बड़े-बड़े पदों से सुशोभित करवाया, लेकिन खुद हमेशा इस चमक-धमक से दूर रहे। बिना किसी सरकारी या राजनैतिक पद पर रहते हुए भी उन्होंने आजीवन एक राजा की तरह आम लोगों के सुख-दुख में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई और सैकड़ों गरीब कन्याओं का विवाह संपन्न कराया। यही कारण है कि आज भी लोग कहते हैं, "लगन देव बाबू राजा तो नहीं थे, पर किसी राजा से कम भी नहीं थे।"

पिता के देहावसान के बाद उनकी इस समृद्ध और जन-कल्याणकारी परंपरा को उनके पुत्रों ने पूरी निष्ठा के साथ जीवित रखा है। उनके पुत्र वरिष्ठ अधिवक्ता ओम कुमार सिंह और कुंवर दीप कुमार सिंह लगातार अपने पिता के पदचिह्नों पर चलते हुए इलाके के लोगों के सुख-दुख के साथी बने हुए हैं और लोक-कल्याण के कार्यों को अनवरत आगे बढ़ा रहे हैं। इस कारण इस परिवार के प्रति जनता का आदर और स्नेह आज भी वैसा ही बना हुआ है।

इस गरिमामयी जयंती समारोह के अवसर पर कुंवरदीप सिंह, युवराज सिंह, राज सिंह, ऋतुराज सिंह, राजीव किशोर गौतम, राकेश सिंह, गौतम सिंह, बादल सिंह, संजीव सिंह, राजू सिंह, आशा दीप समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग, प्रबुद्ध समाज सेवी और भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। वक्ताओं ने बाबू लगन देव सिंह के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उनके बताए समाजवादी और जनसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।