Saran Fire: गैस सिलेंडर लीकेज से मची तबाही, चंद मिनटों में राख हुए कई घर, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हुए परिवार

Saran Fire: सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के रामपुररूद्र गांव में गैस सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां पल भर में राख कर दीं।

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गैस सिलेंडर लीकेज से मची तबाही- फोटो : reporter

Saran Fire: सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के रामपुररूद्र गांव में गैस सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां पल भर में राख कर दीं। इस हादसे में लाखों रुपये मूल्य की नकदी, जेवर, अनाज, कपड़े, फर्नीचर और घरेलू सामान जलकर खाक हो गए। आग इतनी भयावह थी कि लोग जान बचाकर घरों से बाहर भागे और अब प्रभावित परिवार तटबंध पर खुले आसमान के नीचे शरण लेने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात श्यामबाबू महतो के घर की महिलाएं भोजन बना रही थीं। इसी दौरान गैस सिलेंडर से अचानक गैस का रिसाव शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयावहता ऐसी थी कि ग्रामीण चाहकर भी घर के अंदर जाकर सामान नहीं बचा सके।

घटना की सूचना मिलते ही पानापुर थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी तबाही हो चुकी थी।अगलगी में श्यामबाबू महतो और वीरेंद्र महतो के घर पूरी तरह जल गए। घरों में रखा नकद, सोने-चांदी के जेवर, अनाज, कपड़े, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान राख हो गया। वहीं हरेसर महतो, राजेश महतो और उपेंद्र महतो के मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा। पीड़ित परिवारों का कहना है कि आग से लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है और अब उनके सामने रोजमर्रा के जीवन का भी संकट खड़ा हो गया है।

हादसे की सूचना मिलते ही शनिवार को मुखिया प्रतिनिधि वकील राय मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही भोजन की व्यवस्था कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। वहीं पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि अभिषेक रंजन सिंह उर्फ मुनचुन सिंह ने राहत सामग्री के रूप में चावल, आटा, आलू, तिरपाल सहित अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अग्निकांड में सबकुछ गंवा चुके परिवारों को आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा, खाद्यान्न, आवासीय सहायता और पुनर्वास पैकेज दिया जाए, ताकि वे दोबारा सम्मानपूर्वक अपना जीवन शुरू कर सकें। फिलहाल प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा है और पीड़ित परिवार सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं।

रिपोर्ट- धर्मेंद्र कुमार