Bihar News : छपरा में लिच्छवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो मासूम भाईयों की हुई मौत, परिजनों में मचा कोहराम
Bihar News : सारण जिले में ट्रेन की चपेट में आने से दो मासूम भाईयों की मौत हो गयी. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है........पढ़िए आगे
CHAPRA : सारण जिले के दाउदपुर थाना क्षेत्र से शनिवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है। घटना छपरा- सीवान रेल खंड पर दाउदपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिम आउटर सिग्नल के समीप लिच्छवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से पांच वर्षीय जुड़वा मासूम भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
मृत बच्चों की पहचान दाउदपुर थाना क्षेत्र के स्थानीय चट्टी निवासी भुखल नट के पांच वर्षीय जुड़वा पुत्र सूर्या कुमार और सागर कुमार के रूप में हुई है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि दोनों मासूम खेलते- खेलते किसी तरह रेलवे ट्रैक के समीप पहुंच गए। इसी दौरान छपरा की ओर से तेज गति से आ रही लिच्छवी एक्सप्रेस की चपेट में आने से दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में परिजन भी घटना स्थल पर पहुंचे। अपने कलेजे के दो टुकड़ों को एक साथ खो देने का दर्द ऐसा था कि माता- पिता की चीख- पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया और घटना स्थल पर मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। सूचना मिलने पर जीआरपी की टीम मौके पर पहुंच कर दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं जीआरपी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों बच्चे रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है।
एक साथ दो मासूम जुड़वा भाइयों की असमय मौत ने पूरे दाउदपुर क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। मृतक परिवार के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा हुआ है। गांव में हर तरफ इसी हादसे की चर्चा है और लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से भी बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की अपील की है, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की असहनीय पीड़ा का शिकार न हो।
धर्मेन्द्र रस्तोगी की रिपोर्ट