Bihar Durga Puja 2026:बिहार में दिखेगी दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रामेश्वरम् मंदिर की झलक, 40 हजार बांस से निर्माण, खर्च होंगे इतने करोड़ रुपये
Bihar Durga Puja 2026: बिहार में इस बार दुर्गा पूजा का नजारा बेहद खास होने जा रहा है।....
Bihar Durga Puja 2026: बिहार में इस बार दुर्गा पूजा का नजारा बेहद खास होने जा रहा है। दरभंगा शहर के बाजार समिति चौक पर आस्था, कला और भव्यता का ऐसा संगम तैयार किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध रामेश्वरम् मंदिर की याद दिलाएगा। करीब 40 हजार बांस से बन रहा यह विशाल पूजा पंडाल अपनी अनूठी बनावट और आकर्षक स्वरूप के कारण चर्चा में है। इसे तैयार करने में लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। पंडाल को अंतिम रूप देने के लिए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।दरभंगा में दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बाजार समिति चौक स्थित श्री श्री 108 दुर्गा पूजा समिति, बाजार समिति शिवधारा की ओर से हर साल कुछ अलग और अनोखी थीम पर पंडाल तैयार किया जाता है। यही वजह है कि यहां का दुर्गा पूजा आयोजन पूरे बिहार में अपनी खास पहचान रखता है। इस बार रामेश्वरम् मंदिर की झलक दिखाने की तैयारी ने श्रद्धालुओं की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
40 हजार बांस से आकार ले रहा भव्य पंडाल
इस विशाल पंडाल के निर्माण में बड़ी संख्या में बांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। कारीगर बांस की मजबूत संरचनाओं को आकार देकर मंदिर जैसी भव्य आकृति तैयार कर रहे हैं। इसके बाद आकर्षक सजावट और कलात्मक कारीगरी के जरिए पंडाल को अंतिम रूप दिया जाएगा। निर्माण कार्य में बंगाल और मुंबई से आए कारीगर भी जुटे हुए हैं।करीब एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह पंडाल सिर्फ सजावट का नमूना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और शिल्पकला का अनूठा संगम बनने जा रहा है। आयोजकों की कोशिश है कि श्रद्धालुओं को दरभंगा में ही रामेश्वरम् मंदिर जैसी भव्यता का एहसास हो।
हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है बाजार समिति चौक
बाजार समिति चौक का दुर्गा पूजा आयोजन हर साल अपनी विशालता और अनूठी थीम के लिए मशहूर रहता है। पूजा के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता दुर्गा के दर्शन करने पहुंचते हैं। समिति के अनुसार, प्रतिदिन करीब दो से ढाई लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए पंडाल को भव्य स्वरूप देने के साथ-साथ आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।
पिछले साल चार धाम, इस बार रामेश्वरम् की झलक
समिति के संयोजक मिथिलेश साहनी ने बताया कि हर साल कुछ नया करने की कोशिश की जाती है, ताकि जो श्रद्धालु किसी वजह से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक नहीं पहुंच पाते, वे पंडाल के माध्यम से उनकी झलक देख सकें। उन्होंने बताया कि पिछले साल पंडाल की थीम के जरिए श्रद्धालुओं को चार धाम की यात्रा का अनुभव कराने का प्रयास किया गया था। इस बार रामेश्वरम् मंदिर की झलक प्रस्तुत की जा रही है। पंडाल निर्माण पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं और इसमें लगभग 40 हजार बांस लगाए जा रहे हैं। दरभंगा का यह आयोजन एक बार फिर साबित करने की तैयारी में है कि बिहार में दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और सामूहिक आस्था का भी बड़ा उत्सव है। अब श्रद्धालुओं को इंतजार है उस पल का, जब भव्य पंडाल पूरी तरह सजकर तैयार होगा और मां दुर्गा के दर्शन के साथ रामेश्वरम् मंदिर की झलक भी देखने को मिलेगी।
रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर