तीन बार जेल, 11 साल संघर्ष! अब दरभंगा स्नातक निर्वाचन MLC चुनाव में बड़ा खेला करेंगे दिलीप कुमार
दिलीप कुमार के अनुसार, उन्हें पहली बार 11 फरवरी 2021 को गिरफ्तार कर फुलवारी जेल भेजा गया था, जहां वह 15 दिनों तक रहे। दूसरी बार 6 दिसंबर 2024 को उन्हें छह दिनों के लिए बेऊर जेल में रखा गया। वहीं, तीसरी बार 8 मई 2026 को गिरफ्तारी हुई
Bihar MLC Election : बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। चुनाव को लेकर राज्य की कई सीटों पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इन्हीं में से एक है दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र, जहां निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर छात्र नेता दिलीप कुमार चुनावी मैदान में हैं।
दिलीप कुमार लंबे समय से छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं। उनके मुताबिक, वह करीब 11 वर्षों से छात्रों की समस्याओं को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई बार पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा और तीन बार जेल भी जाना पड़ा।
छात्र आंदोलनों के दौरान कई बार हुई गिरफ्तारी
दिलीप कुमार के अनुसार, उन्हें पहली बार 11 फरवरी 2021 को गिरफ्तार कर फुलवारी जेल भेजा गया था, जहां वह 15 दिनों तक रहे। दूसरी बार 6 दिसंबर 2024 को उन्हें छह दिनों के लिए बेऊर जेल में रखा गया। वहीं, तीसरी बार 8 मई 2026 को गिरफ्तारी के बाद उन्हें 16 दिनों तक बेऊर जेल में रहना पड़ा। उनका आरोप है कि छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें सेल में भी बंद रखा गया। आंदोलनों के दौरान लाठीचार्ज और गिरफ्तारी का भी उन्हें सामना करना पड़ा।
TRE-4 से BPSC तक, छात्रों के मुद्दों पर सक्रियता
छात्र नेता दिलीप कुमार विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलनों में भाग लेते रहे हैं। TRE-4 शिक्षक भर्ती, BPSC की 70वीं परीक्षा, लाइब्रेरियन की बहाली और प्रायोगिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर वह छात्रों की आवाज उठाते रहे हैं। कई आंदोलनों में उनकी भूमिका प्रमुख रही है।
शिक्षकों के लिए भी किए कई वादे
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे दिलीप कुमार ने शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है। उन्होंने सातवें वेतनमान समेत कई मांगों को विधान परिषद में उठाने का वादा किया है। उनका कहना है कि चुनाव जीतने के बाद वह छात्रों और शिक्षकों से जुड़े सवालों को सदन में प्रमुखता से उठाएंगे।
अब दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सबकी नजर इस बात पर है कि छात्र और शिक्षक मतदाताओं के बीच दिलीप कुमार के लंबे आंदोलनकारी सफर और उनके वादों को कितना समर्थन मिलता है। चुनाव परिणाम 27 अक्टूबर को सामने आएंगे।
नरोत्तम की रिपोर्ट