Bihar Crime : गया में नशे के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक', अफीम की खेती पर प्रशासन ने चलाया ट्रैक्टर, करोड़ों की फसल किया नष्ट

Bihar Crime : गया में नशे के खिलाफ सुरक्षा बल और पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने कई एकड़ अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है......पढ़िए आगे

Bihar Crime : गया में नशे के खिलाफ 'सर्जिकल स्ट्राइक', अफीम
अफीम की खेती पर चला ट्रैक्टर - फोटो : MANOJ

GAYA : बिहार के गया जिले में मादक पदार्थों के अवैध सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देशों के बाद, इमामगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशाल संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के तहत छकरबंधा थाना क्षेत्र के दुर्गम जंगली इलाकों में अवैध रूप से उगाई जा रही अफीम की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।

प्रशासन की इस संयुक्त टीम ने पिपरेहट और कोकना गांवों के समीप स्थित घने जंगलों में दबिश दी। अभियान के दौरान लगभग 4.60 एकड़ भूमि पर लहलहा रही अफीम की फसल को ट्रैक्टर चलाकर विनष्ट कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके की घेराबंदी की गई थी। ताकि ऊबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों पर टीम को किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय घटना का सामना न करना पड़े। 

इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में इमामगंज अनुमंडल पदाधिकारी कमलेश कुमार और छकरबंधा थानाध्यक्ष शमशेर आलम के साथ एसटीएफ (STF), उत्पाद विभाग, वन विभाग, डुमरिया अंचलाधिकारी और CRPF 47/B के जवानों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कई घंटों तक चले इस सघन अभियान ने नशे के सौदागरों के बीच हड़कंप मचा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह इलाका भौगोलिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन टीम ने समन्वय के साथ लक्ष्य को पूरा किया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। अफीम की अवैध खेती में संलिप्त भू-स्वामियों और तस्करों की पहचान की जा रही है, जिनके विरुद्ध कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, चिन्हित क्षेत्रों में ड्रोन और गुप्तचरों के माध्यम से निगरानी और बढ़ा दी गई है।

अभियान के अंत में अधिकारियों ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि गया जिले को नशामुक्त बनाने के लिए समाज की भागीदारी अनिवार्य है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के बड़े तलाशी अभियान और छापेमारी जारी रहेगी।

मनोज की रिपोर्ट