न्याय के लिए दर-दर भटक रही 'फौजी की पत्नी', पुलिस पर कपड़े फाड़ने और पिटाई का आरोप; 3 साल से काट रही चक्कर
Gayaji - "जब पति सीमा पर देश की रक्षा कर रहे थे, तब घर पर पुलिस मेरी आबरू तार-तार कर रही थी।" यह दर्दनाक दास्तां एक भारतीय सेना के नायक संजय गुप्ता की पत्नी शोभा देवी की है। गया के मगध मेडिकल थाना क्षेत्र की रहने वाली शोभा देवी पिछले तीन वर्षों से उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिन्होंने न केवल उनकी बेरहमी से पिटाई की, बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए थे।
जमीन विवाद में पुलिस की बर्बरता, वीडियो फुटेज भी मौजूद
पीड़ित शोभा देवी, जो वीर कुंवर सिंह कॉलोनी की निवासी हैं, ने बताया कि साल 2023 में पड़ोसी के साथ उनकी निजी जमीन में रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि पड़ोसी ने पुलिस से मिलीभगत कर उन्हें मौके पर बुलाया। पुलिस ने आते ही शोभा देवी और उनके नाबालिग बेटे पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। शोभा देवी का आरोप है कि इस दौरान एसआई और दो कांस्टेबलों ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके कपड़े फाड़ दिए। इस पूरी घटना का वीडियो फुटेज भी उपलब्ध है।
पति सीमा पर तैनात थे, पत्नी को भेज दिया गया जेल
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह घटना हुई, फौजी संजय गुप्ता जम्मू-कश्मीर में देश की सुरक्षा में तैनात थे। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने अपनी बर्बरता छिपाने के लिए उन पर ही झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया और उन्हें एक दिन के लिए जेल भी भेज दिया। इस घटना ने एक सैनिक परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से बुरी तरह तोड़ दिया है।
कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज, लेकिन अब भी इंसाफ का इंतजार
थक-हारकर शोभा देवी ने गया व्यवहार न्यायालय में परिवाद (Case No. 135/2023) दर्ज कराया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आरोपी एसआई और दोनों कांस्टेबलों पर मामला तो दर्ज हुआ है, लेकिन शोभा देवी का कहना है कि स्टेटस रिपोर्ट अभी भी पेंडिंग है। अपनी आपबीती सुनाते हुए वह मीडिया के सामने फफक पड़ीं और वरीय पुलिस अधिकारियों से मांग की कि दोषी पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जाए और एक सैनिक परिवार को सम्मान के साथ न्याय दिया जाए।
Report - manoj kumar