राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् स्व. चंद्रदीप सिंह की 98वीं जयंती, विद्यालय के नए पुस्तकालय का नाम उनके नाम पर रखने की उठी मांग

गया जिले के बेलागंज स्थित अग्रवाल उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय के पूर्व प्राचार्य स्व. चंद्रदीप सिंह की 98वीं जयंती सादगी और श्रद्धा के साथ मनाई गई। पूर्ववर्ती छात्र संघ ने उनके योगदान को याद करते हुए नवनिर्मित पुस्तकालय का नामकरण उनके नाम पर करने की म

राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् स्व. चंद्रदीप सिं

Gayaji - बेलागंज प्रखंड मुख्यालय स्थित अग्रवाल उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय में पूर्व प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षाविद् स्व. चंद्रदीप सिंह की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र संघ द्वारा आयोजित इस सादगीपूर्ण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे। कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जहाँ मौजूद लोगों ने नम आँखों से उन्हें याद किया।

अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के थे पर्याय

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उज्वल कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि चंद्रदीप सिंह केवल एक प्राचार्य नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय परिवार के अभिभावक थे। उन्होंने बताया कि अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उनके जीवन का मूल मंत्र था। उनके इसी समर्पण के कारण उन्हें देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार से नवाजा गया था। उनकी शैक्षणिक परंपराओं की छाप आज भी विद्यालय की कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देती है।

पुस्तकालय के नामकरण की उठी मांग


समारोह के दौरान पूर्ववर्ती छात्र संघ के अध्यक्ष ई. रविंद्र कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने विद्यालय परिसर में नवनिर्मित पुस्तकालय का नामकरण स्व. चंद्रदीप सिंह के नाम पर करने की मांग उठाई। इस मांग का वहां उपस्थित सभी लोगों ने जोरदार समर्थन किया। अध्यक्ष का मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ी उनके आदर्शों और जीवन मूल्यों से प्रेरणा ले सकेगी।

शिक्षा जगत में अतुलनीय योगदान को किया याद

वक्ताओं ने कहा कि चंद्रदीप सिंह के कार्यकाल की यादें आज भी विद्यालय के कण-कण में रची-बसी हैं। उनके मार्गदर्शन ने हजारों छात्रों का भविष्य संवारा। कार्यक्रम में वर्तमान प्रधानाध्यापक इरफ़ान रियासत और सामाजिक कार्यकर्ता रविशंकर कुमार ने भी उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलकर शिक्षा की गुणवत्ता को वापस लौटाया जा सकता है।

दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

जयंती के इस अवसर पर प्रभात कुमार मिश्रा, टोनी गुप्ता, प्रियरंजन कुमार, चंचल कुमारी और हीतेष अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग, शिक्षक और पूर्व छात्र उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्व. चंद्रदीप सिंह के कृतित्व को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय बताया और संकल्प लिया कि उनके द्वारा स्थापित शैक्षणिक मूल्यों को जीवित रखा जाएगा।


रिपोर्ट: प्रभात कुमार मिश्रा