Bihar News: 12 साल बाद नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका, पुलिस के हत्थे चढ़ा बिहार का कुख्यात नक्सली छोटू रविदास, पलामू से दबोचा गया फरार कमांडर
Bihar News: पुलिस ने 12 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली छोटू रविदास उर्फ शिवनंदन रविदास को गिरफ्तार कर लिया है।
Gayaji: जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने 12 वर्षों से फरार चल रहे कुख्यात नक्सली छोटू रविदास उर्फ शिवनंदन रविदास को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी झारखंड के पलामू जिले में एक विशेष ऑपरेशन के दौरान की गई, जिसमें गया पुलिस की अहम भूमिका रही। इस कार्रवाई को नक्सल मोर्चे पर पुलिस की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
गिरफ्तार नक्सली छोटू रविदास के खिलाफ गया जिले के डुमरिया थाना में नक्सली गतिविधियों से जुड़े कई संगीन मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ हत्या, बम विस्फोट, पुलिस पर हमला और नक्सली साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप हैं। वह लंबे समय से बिहार और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में नक्सली संगठन के लिए सक्रिय था और पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, छोटू रविदास झारखंड के पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुलानिया गांव का निवासी है। गया जिले में कई नक्सली वारदातों को अंजाम देने के बाद वह अपने पैतृक गांव में छिपकर रह रहा था। हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वह अपने गांव आया हुआ है। सूचना मिलते ही गया पुलिस हरकत में आ गई।
डुमरिया थाना पुलिस समेत अन्य इकाइयों की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया और झारखंड के पलामू जिले में छापेमारी की योजना बनाई गई। जैसे ही पुलिस टीम बहुलानिया गांव पहुंची, नक्सली छोटू रविदास ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता और घेराबंदी के कारण वह ज्यादा दूर नहीं जा सका और दबोच लिया गया। बताया जाता है कि छोटू रविदास पिछले 12 वर्षों से फरार चल रहा था। इस दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार अभियान चलाए, लेकिन हर बार वह चकमा देकर निकल जाता था। उसकी गिरफ्तारी से नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।
इमामगंज एसडीपीओ कमलेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ की जा रही है। उससे मिली जानकारी के आधार पर उसके अन्य साथियों, हथियारों के ठिकानों और नक्सली नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यह गिरफ्तारी नक्सल मुक्त बिहार की दिशा में एक अहम कदम है और आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।