जिसके इशारे पर थम जाते थे बिहार के स्कूल, उस 'महानायक' की याद में बिलख पड़े शिक्षक, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

बिहार प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. बृजनंदन शर्मा की याद में गया के बेलागंज में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जहाँ वक्ताओं ने उन्हें शिक्षक हितों की सबसे बुलंद आवाज बताया।

जिसके इशारे पर थम जाते थे बिहार के स्कूल, उस 'महानायक' की या

Gayaji - बिहार के सबसे कद्दावर शिक्षक नेता और बिहार प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. बृजनंदन शर्मा के निधन के बाद शनिवार को गया के बेलागंज में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। युवा जदयू नेता रविशंकर कुमार के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े तमाम दिग्गजों ने बृजनंदन बाबू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। 

सत्ता भी जिनकी दहाड़ से थी कांपती

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बृजनंदन शर्मा केवल एक नेता नहीं, बल्कि शिक्षक आंदोलन की एक ऐसी निर्भीक आवाज थे, जिनकी बातों को सरकार भी गंभीरता से सुनने और मानने को मजबूर होती थी। पूर्व शिक्षक जनक शर्मा ने याद किया कि सत्ता के करीब होने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और शिक्षकों के सम्मान के लिए हमेशा सीना तानकर खड़े रहे। 

सादगी और संघर्ष का बेमिसाल उदाहरण

युवा नेता रविशंकर कुमार ने कहा कि बृजनंदन बाबू का जीवन सादगी और सिद्धांतों की मिसाल है। उन्होंने शिक्षकों को न केवल उनके अधिकार दिलाए, बल्कि उन्हें उनकी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारियों का भी पाठ पढ़ाया। सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। 

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

इस शोक सभा में मुख्य रूप से पूर्व शिक्षक जनक शर्मा, ज्योतिष कुमार सुमन, अमित अग्रवाल, राजीव रंजन, अभिषेक दुबे, शिक्षक नेता सौरभ कुमार, राजीव कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि शिक्षा जगत में आई यह शून्यता कभी भरी नहीं जा सकेगी।

Report - Prabhat kumar Mishra