Gaya tourism: बोधगया में दिखेगी दुनिया के अजूबों की झलक! 21.79 करोड़ की वंडर्स पार्क प्रोजेक्ट शुरू

Gaya tourism: बोधगया के सिलौंजा में 21.79 करोड़ रुपये की लागत से इको-टूरिज्म पार्क बन रहा है। यहां सात अजूबों की प्रतिकृतियां भी होंगी।

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बिहार में पर्यटन विकास को बढ़ावा- फोटो : social media

Gaya tourism: बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने रविवार (10 मई 2026) को बोधगया के सिलौंजा में बन रहे इको-टूरिज्म पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को तय समय के अंदर अच्छी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि गया वन प्रमंडल की ओर से लगभग 40 एकड़ जमीन पर यह इको-टूरिज्म पार्क बनाया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 21.79 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह बिहार सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है।

डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि इस परियोजना की घोषणा फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान की गई थी। फिलहाल निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले तीन महीने में इसके पूरा होने की संभावना है। यह पार्क आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसे एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां मजबूत बाउंड्री वॉल, भव्य प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, बैठने की व्यवस्था और आधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। रात में भी पार्क आकर्षक दिखे, इसके लिए खास प्रकाश व्यवस्था की जा रही है।

क्या होगा पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण?

पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्क में कैफेटेरिया, आधुनिक शौचालय, बड़ी पार्किंग और बच्चों के लिए आधुनिक खेल क्षेत्र बनाया जा रहा है। साथ ही हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण और सुंदर लॉन तैयार किए जा रहे हैं। इस पार्क का सबसे बड़ा आकर्षण दुनिया के सात अजूबों की प्रतिकृतियां होंगी। यहां ताजमहल, ग्रेट वॉल ऑफ चाइना, क्राइस्ट द रिडीमर, ईस्टर आइलैंड मोआई, पेट्रा और कोलोसियम जैसी प्रसिद्ध संरचनाओं की झलक देखने को मिलेगी। इससे यह पार्क पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनेगा।

स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे-डॉ. प्रेम कुमार

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। पार्क के संचालन, सुरक्षा, सफाई, उद्यान प्रबंधन और कैफेटेरिया में स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा। इसके अलावा आसपास के होटल, दुकानदार और छोटे व्यवसायियों को भी आर्थिक फायदा होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्माण पूरा होने के बाद यह इको-टूरिज्म पार्क बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा।