अब एक ही गाड़ी में चलेंगे अफसर, ईंधन बचत के लिए बनाया नया प्लान, इस जिले में शुरू हुई नई व्यवस्था

अब जिले के अफसर अपनी-अपनी गाड़ियों के बजाय एक साथ सफर करेंगे ताकि ईंधन की बचत हो सके। वहीं, गैस और खाद की कालाबाजारी पर डीएम ने सख्त तेवर दिखाए हैं। अफवाहों से बचें, जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है।

अब एक ही गाड़ी में चलेंगे अफसर, ईंधन बचत के लिए बनाया नया प्

Gayaji - गया जिला प्रशासन ने सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग और ईंधन की बचत को लेकर एक अनूठी पहल की है। जिले के प्रभारी सचिव एसके अनिल के निर्देशानुसार, अब विभिन्न विभागों के अधिकारी अलग-अलग सरकारी वाहनों के बजाय एक साथ मिलकर (कारपूल) आवाजाही करेंगे। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने इस योजना की पुष्टि करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक खर्चों में कटौती और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाना है। हालांकि, यह व्यवस्था अभी पूरी तरह लागू नहीं हुई है और इसे जमीन पर उतारने में थोड़ा समय लगेगा।

बिना सिलेंडर मिले सब्सिडी आने पर प्रशासन सख्त 

जिले में एलपीजी गैस वितरण प्रणाली में एक बड़ी गड़बड़ी सामने आई है, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। लगभग 50 ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ उपभोक्ताओं को बिना गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिले ही उनके बैंक खातों में सब्सिडी की राशि पहुंच गई। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बिना बुकिंग के ही उनके मोबाइल पर ओटीपी आ रहे हैं। डीएम ने इसे कालाबाजारी और डिलीवरी सिस्टम में सेंध का गंभीर मामला मानते हुए सभी गैस एजेंसियों से जवाब तलब किया है और स्पष्ट किया है कि 'तकनीकी खराबी' के बहाने स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

ईंधन की कमी की अफवाहों का खंडन 

सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर डीएम और एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने साफ किया कि बिहार और विशेषकर गया जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। जिले के करीब 7.9 लाख उपभोक्ताओं के लिए प्रतिदिन 12 हजार से अधिक सिलेंडरों की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी (Panic Buying) न करें।

खाद और गैस की कालाबाजारी पर ताबड़तोड़ छापेमारी 

प्रशासन ने न केवल गैस बल्कि किसानों के लिए खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। पिछले 48 घंटों के भीतर जिले की 98 दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की गई है। इस कार्रवाई के तहत एक डीलर पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जबकि एक का लाइसेंस रद्द और 10 से अधिक डीलरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। 13 अन्य दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रशासन की इस सक्रियता से कालाबाजारी करने वाले माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

भविष्य की तैयारी: पीएनजी और साइबर सेल की निगरानी 

आने वाले समय में गया को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने की तैयारी तेज कर दी गई है। बोधगया के होटलों के लिए पीएनजी का उपयोग अनिवार्य किया जा रहा है और घरेलू स्तर पर पीएनजी लगने के बाद पुराने एलपीजी कनेक्शन रद्द किए जाएंगे। साथ ही, एसएसपी सुशील कुमार ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वाले शरारती तत्वों पर साइबर सेल के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है। गलत जानकारी साझा करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।