Bihar News : नक्सलवाद के साये से बाहर निकला छकरबंधा, सांसद अभय कुशवाहा दही-चूड़ा भोज का किया आयोजन, 25 हजार से अधिक लोगों ने दही-चूड़ा का उठाया लुत्फ़
GAYAJI : बिहार के गया जिले के इमामगंज विधानसभा अंतर्गत डुमरिया प्रखंड के छकरबंधा में मकर संक्रांति के अवसर पर एक भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का नेतृत्व औरंगाबाद के सांसद अभय कुशवाहा ने अपने संसदीय क्षेत्र में किया। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता रही, जहाँ करीब 20 से 25 हजार की संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने एक साथ बैठकर भोज का आनंद लिया।
डुमरिया और छकरबंधा का यह इलाका कभी भीषण नक्सल प्रभावित माना जाता था, जहाँ दिन के उजाले में भी आम लोगों को आने-जाने में भय लगता था। लेकिन आज उसी क्षेत्र में शांतिपूर्ण माहौल में हजारों लोगों का खुलेआम एक साथ जुटना बदले हुए सुरक्षा हालातों और लोकतांत्रिक मजबूती का जीवंत प्रतीक बना। यह आयोजन दर्शाता है कि अब इस क्षेत्र में भय का स्थान विकास और आपसी विश्वास ने ले लिया है।
इस भोज कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कई वरिष्ठ नेता, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बड़ी संख्या में मौजूद राजद कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एक-दूसरे को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। सामूहिक भोज के माध्यम से सभी ने समाज में सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और निरंतर विकास का संदेश प्रसारित किया, जिसने स्थानीय जनता के बीच एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि छकरबंधा और डुमरिया जैसे क्षेत्रों में अब शांति और विकास का नया युग शुरू हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का यह विशाल आयोजन उसी सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है, जहाँ लोग बिना किसी डर के एकजुट होकर अपने सांस्कृतिक पर्व मना रहे हैं। यह क्षेत्र अब अपनी पुरानी पहचान को पीछे छोड़कर तरक्की की नई इबारत लिख रहा है।
सांसद ने क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को नंदई गांव को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि इस गांव को पर्यटन मानचित्र पर लाया जाता है, तो इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को और अधिक गति मिलेगी।
मनोज की रिपोर्ट